देश में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और कड़े व्यापारिक मानकों को बनाए रखने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने एक विलेख और कड़ा कदम उठाया है। सीसीपीए ने खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों में "100 प्रतिशत" शब्द का भ्रामक इस्तेमाल करने और अनुचित व्यापारिक तौर-तरीके अपनाने के लिए दो बड़ी एफएमसीजी कंपनियों पर एक-एक लाख रुपये का विधिक जुर्माना लगाया है। नियामक की इस कूटनीतिक कार्रवाई के दायरे में 'स्टोरिया फूड्स एंड बेव्रिजेज प्राइवेट लिमिटेड' और 'इंग्लिश अवन' ब्रांड के नाम से ब्रेड बनाने वाली कंपनी 'बेक्टर्स फूड स्पेशियलिटीज लिमिटेड' शामिल हैं। प्राधिकरण ने दोनों ही दिग्गजों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपने भ्रामक दावों को अपनी पैकेजिंग, वेबसाइटों और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों से तत्काल प्रभाव से हटाएं।
यह पूरी कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देश, 2022 के तहत कड़े विधिक प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। सीसीपीए ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जब स्टोरिया के '100% नारियल पानी' और विभिन्न फ्रूट जूस की जांच की, तो पैकेजिंग के पीछे सामग्री विवरण में कूटनीतिक हेरफेर पाया गया। कंपनी ने बाहर '100% नारियल पानी' लिखा था, जबकि भीतर पानी और केवल 9.6% नारियल पानी कॉन्सेंट्रेट का इस्तेमाल किया गया था, साथ ही उसमें क्लास-2 प्रिजर्वेटिव भी मौजूद था। एक आम उपभोक्ता के लिए यह सीधे तौर पर कड़ा धोखा है।
इसी तरह, बेक्टर्स फूड स्पेशियलिटीज ने अपने विभिन्न विज्ञापनों में "100% आटा ब्रेड" और "100% होल ह्वीट ब्रेड" के भ्रामक वाक्यांशों का अंधाधुंध प्रचार किया, जिसे डिजिटल मीडिया पर 50 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था। विधिक कार्यवाही के दौरान कंपनी ने स्वीकार किया कि उनके उत्पाद में केवल 87 प्रतिशत ही साबुत गेहूं का आटा था। प्राधिकरण ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए उपभोक्ताओं के सही जानकारी पाने के अधिकार के साथ ऐसा विखंडन समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।