पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट और मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधाओं के कारण भारत के तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आयात का ढांचा तेजी से बदल रहा है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत अमेरिका अब भारत का प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। पिछले वर्ष तक भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी मात्र 6% थी, जो अब बढ़कर 20% से अधिक हो गई है। भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और आगामी त्योहारी सीजन (दीवाली व सर्दियों) के दौरान रसोई गैस की मांग पूरी करने के लिए अमेरिकी खाड़ी तट से दीर्घकालिक अनुबंध बढ़ा दिए हैं।
घरेलू मोर्चे पर, सितंबर माह में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹942, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 में मिल रहा है। दूसरी ओर, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें दिल्ली में ₹2,747.50, मुंबई में ₹2,701 और हैदराबाद में ₹2,996 के स्तर पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड और गैस दरों में उतार-चढ़ाव तथा डॉलर-रुपया विनिमय दर के आधार पर भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) समय-समय पर दरों की समीक्षा करती हैं