हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 24 सितंबर 2026 को मुंबई केनानावटी अस्पताल में आखिरी सांस ली, जहां उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। अपने लंबे करियर में मुश्ताक खान ने फिल्मों और टेलीविजन दोनोंमें कई ऐसे किरदार निभाए, जो भले ही कहानी में छोटे रहे हों, लेकिन दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए जगह बना गए। उनकी सहज कॉमिकटाइमिंग और पर्दे पर नैचुरल अंदाज ने उन्हें हिंदी सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया था।
मुश्ताक खान का एक्टिंग करियर चार दशकों से भी ज्यादा लंबा रहा। साल 1975 में शुरू हुए उनके सफर में उन्होंने 200 से ज्यादा फिल्मों के साथकई टेलीविजन शोज में भी काम किया। कॉमेडी हो या गंभीर भूमिका, वह अपने किरदार में ऐसी सहजता ले आते थे कि छोटी-सी मौजूदगी भी असरछोड़ जाती थी। ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘जोड़़ी नंबर 1’ और ‘मुझसे शादी करोगी’ जैसी फिल्मों मेंउनकी मौजूदगी ने उन्हें अलग-अलग दौर के दर्शकों से जोड़े रखा।
मुश्ताक खान की सबसे चर्चित भूमिकाओं में साल 2007 की फिल्म ‘वेलकम’ का बल्लो भी शामिल रहा। फिल्म में उन्होंने एक दिव्यांग हॉकीखिलाड़ी का किरदार निभाया था, जिसके कई संवाद और सीन दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए। उनके किरदार की कॉमिक टाइमिंग और अंदाज नेफिल्म के कई दृश्यों को यादगार बना दिया। यही उनकी खासियत थी—कहानी में स्क्रीन टाइम भले सीमित हो, लेकिन वह अपने हिस्से के हर पल कोपूरी तरह जीते थे।
बदलते दौर के साथ मुश्ताक खान ने भी खुद को फिल्मों और टेलीविजन से जोड़े रखा। वह ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में नजरआए, वहीं टेलीविजन पर ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ में भी उनके काम को याद किया गया। उनकी निजी जिंदगी और करियर की शुरुआत भी संघर्ष सेभरी रही। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में जन्मे मुश्ताक खान 1975 में अभिनय का सपना लेकर मुंबई पहुंचे थे। शुरुआती दिनों में उन्हेंकाफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और मनोरंजन जगत में अपनी जगह बनाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा।
मुश्ताक खान का जाना हिंदी मनोरंजन जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होगी। उन्होंने पर्दे पर अक्सर सपोर्टिंगकिरदार निभाए, लेकिन उनकी आवाज, चेहरा और कॉमिक अंदाज उन किरदारों को खास बना देता था। फिल्मों से लेकर टेलीविजन तक उन्होंने अपनेकाम की एक अलग पहचान बनाई। उनके पीछे उनकी पत्नी सलमा खान और बच्चे हैं। मुश्ताक खान भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकेनिभाए किरदार और पर्दे पर छोड़ी उनकी मुस्कान दर्शकों की यादों में लंबे समय तक जिंदा रहेगी।