अक्सर लोगों को यह गलतफहमी होती है कि शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन केवल नॉन-वेज (अंडे या मांस) से ही मिल सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही मील प्लानिंग (आहार योजना) की मदद से एक शुद्ध शाकाहारी व्यक्ति भी आसानी से रोजाना 90 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त कर सकता है।
केआईएमएस (KIMS) अस्पताल, ठाणे की मुख्य आहार विशेषज्ञ (Chief Dietitian) अमरीन शेख के अनुसार, शाकाहारी भोजन में दूध से बने उत्पाद, सोया, दालें, साबुत अनाज, मेवे (नट्स) और बीजों का संतुलन बनाकर प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है।
दिनभर में ऐसे बांटें अपना प्रोटीन (Sample Meal Plan)
एक ही बार में भारी मात्रा में प्रोटीन खाने के बजाय इसे दिनभर की डाइट में बांटना अधिक फायदेमंद होता है। इससे पाचन सुधरता है और ऊर्जा का स्तर बना रहता है:
- दूध (2 गिलास): लगभग 16 ग्राम प्रोटीन
- पनीर (100 ग्राम): लगभग 18-20 ग्राम प्रोटीन
- ग्रीक योगर्ट / दही (1 कप): लगभग 15-18 ग्राम प्रोटीन
- पकी हुई दाल या राजमा/छोले (1 कप): लगभग 8-10 ग्राम प्रोटीन
- सोया चंक्स / तोफू (1 सर्विंग): लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन
- भुने चने या नट्स (एक मुट्ठी): लगभग 6-8 ग्राम प्रोटीन
- इस तरह आसानी से रोजाना का 90 ग्राम प्रोटीन लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
डाइट में क्या-क्या शामिल करें?
- नाश्ता (Breakfast): नाश्ते में पनीर, ग्रीक योगर्ट, दूध, भुना चना या होल-ग्रेन टोस्ट के साथ पीनट बटर लिया जा सकता है।
- दोपहर का खाना (Lunch): लंच में दाल, राजमा, छोले या अंकुरित अनाज (Sprouts) के साथ मल्टीग्रेन रोटी या ब्राउन राइस शामिल करें।
- रात का खाना (Dinner): डिनर में सोया चंक्स, तोफू या पनीर के साथ सब्जियां और मिलेट्स (बाजरा/ज्वार की रोटी) बेहतर विकल्प हैं।
- स्नैक्स (Snacks): शाम के समय भुने सोया नट्स, छाछ, भुना चना या मिक्स सीड्स खाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
आहार विशेषज्ञ अमरीन शेख का कहना है कि सोया उत्पाद पौधों पर आधारित उन चुनिंदा स्रोतों में से हैं जिनमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड मौजूद होते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की प्रोटीन की आवश्यकता उसकी उम्र, वजन और शारीरिक गतिविधि (Activity Level) पर निर्भर करती है। सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से आहार चुनना चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी को किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारी है, तो डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।