ताजा खबर
Multibagger Stock Zen Technologies Ltd : रॉकेट बना ड्रोन कंपनी का शेयर, एक साल में 150 फीसदी मुनाफा   ||    Success Story Of Arushi Agarwal : एक करोड़ की नौकरी ठुकरा शुरू किया बिजनेस, आज 50 करोड़ की मालकिन   ||    Petrol Diesel Price Today: जारी हुई पेट्रोल-डीजल की कीमत, जानें ईंधन के नए रेट   ||    अमेरिका को इटली में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी-जो बिडेन की मुलाकात का इंतजार   ||    बांग्लादेश की सांसद अनार की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या की गई, शव के अंगों को ठिकाने लगाया गया: जां...   ||    कुवैत में आग: इमारत में फंसे 196 मज़दूर, सोते समय धुएं ने ले ली जान   ||    लंदन की ‘फ्लाइट टू नोव्हेयर’: तकनीकी समस्या के कारण यात्री 9 घंटे तक चक्कर लगाते रहे, फिर उसी एयरपोर...   ||    हार्वर्ड अध्ययन से पता चला है कि एलियंस संभवतः हमारे बीच इंसानों के वेश में रह रहे हैं   ||    देश से 3300 किलोमीटर दूर, भारतीय मजदूरों के लिए एक चुंबक, जानिए क्यों मजदूर कुवैत को पसंद करते हैं   ||    भारतीय फुटबॉल मैनेजर इगोर स्टिमैक को बर्खास्त करने से एआईएफएफ को भारी नुकसान हो सकता है, जानिए कैसे   ||   

तालिबानी शासन के बीच मीडिया कर्मियों में डर का माहौल, नहीं कर पा रहे हैं काम

Photo Source :

Posted On:Saturday, September 4, 2021

अफगानिस्तान के सबसे बड़े मीडिया नेटवर्क के सामने अब बड़ी चुनौती आ गयी है। अफगानिस्तान का स्वतंत्र टीवी चैनल टोलो न्यूज़ लगातार खबरों का प्रसारण जारी रखा है, लेकिन उनमें डर है कि आखिर कब तक वो ऐसे कर पाएंगे।इस बीच तालिबान ने अफगान मीडिया से कहा है कि वह पहले की तरह अपना काम करते रहें। लेकिन तालिबान के पिछले इतिहास को देखते हुए सभी मीडियाकर्मियों में डर है।

गौरतलब है कि 1996 से 2001 के शासन के बीच तालिबान ने अफगानिस्तान में टीवी पर पाबंदी लगा रखी थी।टोलो न्यूज की पैरेंट कंपनी मॉबी ग्रुप के सीईओ साद मोहसनी ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो हम डरे हुए हैं। हम बहुत ज्यादा नर्वस हैं।

जर्नलिस्ट प्रोटेक्ट कमेटी (सीपीजे) के साथ बातचीत करते हुए मोहसनी ने कहा कि हमारी रातें बिना सोए गुजर रही हैं। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया वॉचडॉग है। इस संगठन ने अफगान पर तालिबान के कब्जे से पहले ही यहां पर महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। इसमें कहा गया था कि यहां पर शांति के लिए महिला पत्रकारों की मूलभूत स्वतंत्रता दांव पर लग सकती है। 
 
 


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.