देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों का बहुप्रतीक्षित पदार्पण आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर पूरा हो गया। ₹22,562 करोड़ के विशालकाय ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू की लिस्टिंग को लेकर बाजार में पिछले कई महीनों से उत्साह बना हुआ था। यद्यपि लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) घटकर करीब 2.4 प्रतिशत पर आ गया था, जिससे सुस्त लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे थे, लेकिन भारत की शीर्ष वित्तीय संस्था के सूचीबद्ध होने से दलाल स्ट्रीट में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है।
यह ऐतिहासिक आईपीओ पूर्णतः ऑफर फॉर सेल (OFS) स्वरूप में लाया गया था, जिसके अंतर्गत मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए थे। कंपनी द्वारा तय ₹1,700 से ₹1,785 के प्राइस बैंड के बावजूद योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में 12.68 गुना से अधिक की मजबूत बोलियां प्राप्त हुईं। कुल मिलाकर इश्यू 5.71 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। संस्थागत निवेशकों का यह मजबूत प्रतिसाद एनएसई के वर्टिकली इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल और भारतीय इक्विटी बाजार में 93 प्रतिशत से अधिक की बाजार हिस्सेदारी के प्रति उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यद्यपि अल्पकालिक लिस्टिंग गेन सीमित रहे हैं, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण से एनएसई भारतीय पूंजी बाजार का रीढ़ बना हुआ है। जून 2026 तक 13.24 करोड़ से अधिक पंजीकृत निवेशकों और ₹474 ट्रिलियन से अधिक के सूचीबद्ध मार्केट कैप के साथ एनएसई की लिक्विडिटी और मजबूत ट्रेडिंग नेटवर्क आने वाले समय में निवेशकों के लिए टिकाऊ मूल्य सृजन का आधार बने रहेंगे।