बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए दालमंडी से होकर बनाए जा रहे सुगम मार्ग का काम अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। करीब एक साल पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में दालमंडी के उन भवनों को हटाने का काम पूरा हो गया है, जो चौड़ीकरण की जद में आए थे। सोमवार को पांच और भवनों को गिराया गया, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने ध्वस्तीकरण का काम पूरा होने की बात कही है।
इस प्रोजेक्ट के तहत दालमंडी इलाके में कुल 187 भवनों की पहचान की गई थी, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल थीं। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक अब तक करीब 172 से 173 मकान पूरी तरह हटाए जा चुके हैं और बाकी भवनों पर भी पहले ही आधे से ज्यादा काम हो चुका था। करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में भवनों को हटाने के लिए पोकलेन और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जबकि अब तक करीब 132 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है।
दालमंडी की संकरी और घनी गलियों के बीच बनने वाली यह सड़क करीब 60 फीट चौड़ी और 650 मीटर लंबी होगी। अधिकारियों का कहना है कि भवन हटने के बाद अब सड़क और उससे जुड़ी सुविधाओं पर काम तेज किया जाएगा। फिलहाल वाटर लाइन और सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसे नवंबर तक पूरा करने की उम्मीद है। इसके बाद सड़क समेत बाकी काम को करीब एक से डेढ़ महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
पीडब्ल्यूडी के वाराणसी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि सोमवार को करीब पांच भवनों के डिस्मेंटलिंग के साथ अंतिम चरण पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से यह काम पूरा हो सका है और अब प्रोजेक्ट के बाकी हिस्सों पर ध्यान दिया जा रहा है। वाटर लाइन और सीवर का काम नवंबर में पूरा होने के बाद दिसंबर के अंत तक काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाला यह सुगम मार्ग तैयार होने की उम्मीद है।