बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में बारिश का दौर थमने के बाद अब मौसम धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा और हवा करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, इसी बीच गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है और पानी करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर जा रहा है।
गंगा का पानी बढ़ने से कई घाटों का संपर्क दोबारा टूट गया है। पानी कम होने के बाद जिन घाटों पर सफाई का काम शुरू हुआ था, वहां भी फिर से पानी पहुंचने लगा है। घाट किनारे दुकान लगाने वाले लोगों को अपना सामान हटाना पड़ा है। कारोबारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में बार-बार हो रहे बदलाव से उनका काम प्रभावित हो रहा है।
2-3 डिग्री बढ़ सकता है तापमान
बीएचयू की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह के अनुसार, पिछले सप्ताह पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हुई थी। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम ठंडा रहा। अब अगले कुछ दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। न्यूनतम तापमान 24 से 26 और अधिकतम 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बारिश को लेकर अगले 2-3 दिनों में कोई खास चेतावनी नहीं है, लेकिन ज्यादा नमी की वजह से गर्मी और उमस बनी रह सकती है।
धान और मिर्च की फसल पर भी मौसम का असर
कृषि वैज्ञानिकों ने धान के खेतों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। इस मौसम में शीथ ब्लाइट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट का खतरा बढ़ सकता है, जबकि आगे फॉल्स स्मट की भी आशंका है। किसानों को बिना जरूरत यूरिया और कीटनाशक का इस्तेमाल न करने और फसल की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। वहीं, ज्यादा नमी के कारण मिर्च में फूल झड़ने, फल सड़ने और एन्थ्रेक्नोज का खतरा हो सकता है। खेतों में पानी की निकासी बनाए रखने और रोगग्रस्त हिस्सों को हटाने की सलाह दी गई है। गर्म और नम मौसम का असर पशुओं पर भी पड़ सकता है, जिससे कुछ समय के लिए उनकी भूख और दूध देने की क्षमता कम हो सकती है।