बनारस न्यूज डेस्क: काशी में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होने के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली। हालात ऐसे हैं कि गंगा घाटों पर भी आम दिनों की तुलना में सन्नाटा देखने को मिला और दोपहर के समय लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे।
मौसम विभाग ने 24 से 26 मई तक वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए लू का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रफ्तार से गर्म पछुआ हवाएं चल सकती हैं। हालांकि मजबूत पुरवा हवाओं के कारण गर्म हवाओं की तीव्रता कुछ हद तक नियंत्रित हुई है, लेकिन तपिश लगातार बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल बुंदेलखंड क्षेत्र में पछुआ हवाओं का असर सबसे ज्यादा है, लेकिन पूर्वांचल में भी अगले एक-दो दिनों में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। रेड अलर्ट खत्म होने के बाद भी अगले सप्ताह तक यलो अलर्ट जारी रहने की संभावना जताई गई है।
इधर, 25 मई से शुरू होने वाले नौतपा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 2 जून तक भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर ने भी अगले पांच दिनों तक तेज गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। 30 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिरों में भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। लोहटिया स्थित राम-जानकी मंदिर में भगवान राम दरबार के सामने लगातार कूलर चलाए जा रहे हैं। मूर्तियों को सूती वस्त्र पहनाए गए हैं और भोग में ठंडी सामग्री व फल चढ़ाए जा रहे हैं। मंदिर के पुजारी देवेंद्रनाथ चौबे ने बताया कि भगवान को भी मौसम का एहसास होता है, इसलिए श्रद्धा और सेवा भाव से यह व्यवस्थाएं की गई हैं।