कुछ फिल्में सिर्फ रिलीज नहीं होतीं, वे समय के साथ दर्शकों की यादों का हिस्सा बन जाती हैं। करण जौहर की ‘कभी अलविदा ना कहना’ भी ऐसी हीफिल्म है, जिसने प्यार, शादी और रिश्तों को लेकर कई मुश्किल सवाल पर्दे पर रखे थे। फिल्म के 20 साल पूरे होने पर धर्मा प्रोडक्शंस ने एक खासवीडियो शेयर कर इसकी यादें ताजा की हैं। प्रोडक्शन हाउस ने फिल्म को “सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि प्यार, दिल टूटने, तड़प और सीख से भरी एकभावना” बताया और लिखा, “एक ऐसी कहानी जिसे आप कभी अलविदा नहीं कह सकते!”
11 अगस्त 2006 को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहरुख खान के देव सरन और रानी मुखर्जी की माया तलवार की कहानी दिखाई गई थी, जोअपनी-अपनी शादियों में खुश नहीं थे और धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आते हैं। न्यूयॉर्क की खूबसूरत लोकेशंस के बीच बुनी गई यह कहानी सिर्फरोमांस तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने सवाल उठाया कि क्या किसी रिश्ते में सिर्फ इसलिए बने रहना सही है क्योंकि वह रिश्ता शादी में बदल चुकाहै। देव और माया के फैसलों का असर उनके पार्टनर्स ऋषि और रिया पर भी पड़ता है, जिससे फिल्म की कहानी और ज्यादा भावनात्मक हो जाती है।
करण जौहर ने इस फिल्म के जरिए अपने पारंपरिक रोमांटिक सिनेमा से अलग रास्ता चुना था। शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीतिजिंटा, अमिताभ बच्चन और किरण खेर जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म ने शादी, बेवफाई और रिश्तों में असंतुष्टि जैसे विषयों को खुलकर छुआ।रिलीज के समय फिल्म को लेकर दर्शकों और क्रिटिक्स की राय बंटी हुई थी, लेकिन समय के साथ ‘कभी अलविदा ना कहना’ को एक ऐसी फिल्म केतौर पर देखा जाने लगा, जिसने अपने दौर से आगे जाकर रिश्तों की जटिलता पर बात की।
फिल्म की कहानी के साथ इसका म्यूजिक भी इसकी सबसे बड़ी ताकत बना। शंकर-एहसान-लॉय के संगीत और जावेद अख्तर के लिखे ‘मितवा’, ‘तुम्हीं देखो ना’ और ‘कभी अलविदा ना कहना’ जैसे गाने आज भी फिल्म की यादों को ताजा कर देते हैं। वहीं अभिषेक बच्चन ने ऋषि के किरदार केलिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता। दो दशक बाद भी फिल्म को याद किए जाने की वजह सिर्फ इसका रोमांस नहीं, बल्कि इसके किरदार, संगीत और रिश्तों को लेकर उठाए गए सवाल हैं। शायद यही वजह है कि धर्मा प्रोडक्शंस का एनिवर्सरी मैसेज आज भी बिल्कुल फिटबैठता है—कुछ कहानियों को दर्शक कभी अलविदा नहीं कहते।
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