आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बठिंडा में एक विशाल मेगा रोड शो किया। यह रोड शो नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली शानदार जीत के बाद जनता का आभार जताने के लिए आयोजित किया गया था। रोड शो में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब की जनता भगवंत मान सरकार के चार साल के कामकाज से बेहद खुश है और साल 2027 के विधानसभा चुनावों में मान का दोबारा मुख्यमंत्री बनना पूरी तरह तय है।
इस मौके पर 'आप' पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
"भगवंत मान पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं"
अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की ईमानदारी की तारीफ करते हुए केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा:
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ईमानदारी का सर्टिफिकेट: केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के इतिहास में अब तक जितने भी मुख्यमंत्री बने, उन सभी पर या उनके मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और घोटालों के गंभीर आरोप लगे। लेकिन भगवंत मान पिछले 75 साल में सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री साबित हुए हैं, जिन पर एक पैसे के हेरफेर का आरोप नहीं है।
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ED-CBI का जिक्र: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भगवंत मान या उनकी सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप लगा होता, तो केंद्र की मोदी सरकार अब तक उनके पीछे रोज ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) की रेड करवा चुकी होती।
पंजाब की राजनीति और 'चार पार्टियां': केजरीवाल का तीखा तंज
रोड शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को अलग-अलग नाम दिए और उन पर तीखा हमला बोला:
| पार्टी का प्रकार (केजरीवाल के अनुसार) |
विपक्ष पर लगाया गया आरोप / विवरण |
| 1. चिट्टा और बेअदबी पार्टी |
इनके कार्यकाल में पंजाब के घर-घर में नशा (चिट्टा) बिका और इनके समय में ही बेअदबी की घटनाएं हुईं, जिससे जनता इनसे नफरत करती है। |
| 2. झगड़ा पार्टी |
इस पार्टी के सभी बड़े नेता आपस में ही कुर्सी और वर्चस्व के लिए लड़ते रहते हैं। |
| 3. ईडी (ED) पार्टी |
यह पार्टी केवल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए ईडी की धमकियां देती है और उनके पीछे जांच एजेंसियां लगाती है। |
| 4. आम आदमी पार्टी |
यह पंजाब की जनता की अपनी पार्टी है, जो राजनीति से ऊपर उठकर केवल विकास और जनहित के काम करती है। |
"समय से पहले हो सकते हैं चुनाव, अब बस 4 महीने बाकी"
अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में एक बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कार्यकर्ताओं को अलर्ट किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि पंजाब में विधानसभा चुनाव अपने तय समय (फरवरी) के बजाय नवंबर में ही कराए जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं से केजरीवाल की अपील:
"अगर चुनाव समय से पहले होते हैं, तो अब हमारे पास सिर्फ चार महीने का वक्त बचा है। अब हम सभी को एकजुट होकर केवल एक ही लक्ष्य पर काम करना है—जनता के बीच जाकर सरकार के कामों को बताना है और भारी बहुमत के साथ भगवंत मान को दोबारा पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना है।"
बठिंडा नगर निगम चुनाव में मिली जीत को केजरीवाल ने मान सरकार के चार साल के 'गुड गवर्नेंस' पर जनता की पक्की मोहर बताया है।