ताजा खबर

मल्टीविटामिन से लेकर इम्यूनिटी गमीज़ तक, कहीं आप भी तो नहीं ले रहे जरूरत से ज्यादा जिंक? जानिए 5 बड़े खतरे

Photo Source :

Posted On:Sunday, October 25, 2026

आजकल सेहत को दुरुस्त रखने के लिए लोग मल्टीविटामिन, इम्यूनिटी गमीज़, बालों की मजबूती के सप्लीमेंट्स और गले की खराश के लिए जिंकवाली गोलियां लेने लगे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन सभी चीजों को एक साथ लेने पर शरीर में जिंक की मात्रा कितनी हो जाती है? दरअसल, अलग-अलग सप्लीमेंट्स में मौजूद जिंक की कुल मात्रा अनजाने में सुरक्षित सीमा से अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरत सेज्यादा जिंक लेने से शरीर को फायदा होने के बजाय कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कितना जिंक जरूरी है और कब बढ़ जाता है खतरा? जिंक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, घाव भरने और सामान्य कोशिकीय कार्यों के लिए जरूरीमिनरल है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 11 मिलीग्राम और महिलाओं को 8 मिलीग्रामजिंक की जरूरत होती है। वयस्कों के लिए इसकी अधिकतम सहनीय सीमा भोजन और सप्लीमेंट्स मिलाकर 40 मिलीग्राम प्रतिदिन है। यह सीमा अमेरिकी मानक है; भारतीय जरूरतों के आकलन में ICMR के दिशानिर्देश और व्यक्ति की पोषण संबंधी स्थिति भी मायने रखती है। ध्यान रहे,अधिकतम सीमा का मतलब यह नहीं है कि रोजाना उतनी मात्रा लेना जरूरी है।

एक साथ कई सप्लीमेंट्स लेने से कैसे बढ़ सकती है खुराक? मान लीजिए, कोई व्यक्ति मल्टीविटामिन से 10 मिलीग्राम, इम्यूनिटी गमीज़ से 15 मिलीग्राम, बालों के सप्लीमेंट से 10 मिलीग्राम और दो जिंक लोज़ेंज से 26 मिलीग्राम जिंक लेता है। ऐसे में केवल सप्लीमेंट्स से ही कुल मात्रा 61 मिलीग्राम हो जाएगी। भोजन से मिलने वाला जिंक इसमें अलग है। लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा जिंक लेने से शरीर में कॉपर यानी तांबे काअवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, अधिक जिंक लेने से मतली, उल्टी, पेट दर्द, दस्त और मुंह में धातु जैसा स्वाद महसूस हो सकता है।

जिंक की अधिकता से हो सकते हैं गंभीर नुकसान। लंबे समय तक बहुत ज्यादा जिंक लेने से कॉपर की कमी हो सकती है, जिससे एनीमिया, सफेदरक्त कोशिकाओं में कमी और प्रतिरक्षा प्रणाली की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है। गंभीर और लंबे समय से चली आ रही कॉपर कीकमी तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके लक्षणों में हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नता और चलने में संतुलन बिगड़ना शामिल हो सकताहै। इसलिए इम्यूनिटी बढ़ाने के चक्कर में सप्लीमेंट्स की मात्रा खुद से बढ़ाना सही तरीका नहीं है।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित? सप्लीमेंट खरीदते समय लेबल पर लिखी एलीमेंटल जिंक की मात्रा जरूर जांचें और देखें कि क्या एक से ज्यादा उत्पादों में वही मिनरल मौजूद है। संतुलित आहार में कद्दू के बीज, तिल, दालें, छोले, काजू, डेयरी उत्पाद, अंडे और मांस जिंक के उपयोगी स्रोत हो सकते हैं।यदि डॉक्टर ने जिंक की खुराक निर्धारित की है, तो उसे बिना सलाह बंद या कम न करें। लंबे समय से अधिक मात्रा लेने की आशंका हो या सुन्नताऔर कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लें। कुछ एंटीबायोटिक्स के साथ जिंक लेने से दवा का अवशोषण भी प्रभावित होसकता है, इसलिए दोनों के बीच कितना अंतर रखना है, यह डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।

याद रखें, सप्लीमेंट्स का फायदा तभी है, जब उनकी मात्रा आपकी वास्तविक जरूरत के मुताबिक हो।


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.