बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के झंडे और पोस्टर को लेकर दो गुटों के बीच भारी तनाव देखा गया। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव के भैरव बटुक धाम के प्रवेश द्वार पर कुछ लोगों ने झंडा लगाया था, जिसे बाद में कथित तौर पर फाड़कर जला दिया गया। इस घटना की खबर मिलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और अधिक संवेदनशील हो गया जब हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। दोनों संगठनों के आमने-सामने आने से विवाद और अधिक गहरा गया। स्थानीय लोगों का तर्क था कि किसी धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर किसी विशेष संगठन या राजनीतिक झंडे का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए, जबकि भीम आर्मी के सदस्य झंडा हटाने के पक्ष में नहीं थे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सारनाथ, एडीसीपी वरुणा और कई थानों की फोर्स के साथ क्यूआरटी (QRT) टीम को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पक्षों के साथ लंबी बातचीत की और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें शांत कराया। अंततः पुलिस की मौजूदगी में प्रवेश द्वार से झंडा हटवाया गया, जिसके बाद बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर आवागमन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो सका।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार के अनुसार, झंडा फाड़ने और माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अज्ञात अराजकतत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से दोषियों की पहचान करने में जुटी है। फिलहाल, नेहिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।