बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और करीब 10 मिनट तक हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। बारिश के बाद शहर का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस गिरकर 32°C पर पहुंच गया। वहीं, हवा की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटा और नमी 71 प्रतिशत दर्ज की गई।
बुधवार को हुई 52.5 मिमी बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। लंबे समय से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के कारण धान की नर्सरी प्रभावित हो रही थी, लेकिन ताजा बारिश से नर्सरी को नया जीवन मिला है। कृषि विशेषज्ञ देवमणि त्रिपाठी ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद किसान खेतों की जुताई कर तिलहनी, दलहनी, मक्का, ज्वार और बाजरा जैसी फसलों की बुआई शुरू कर सकते हैं।
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, वाराणसी में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि उन्होंने कहा कि जून में कम बारिश होने के कारण इस वर्ष कुल वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत हैं, लेकिन जुलाई के अंत तक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
वहीं, मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जून महीने में वाराणसी में सामान्य से 92 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। जहां औसतन 88.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहां केवल 6.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। उन्होंने कहा कि जुलाई में भी लगातार भारी बारिश के संकेत नहीं हैं, हालांकि बीच-बीच में अच्छी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।