बनारस न्यूज डेस्क: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को वाराणसी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया। दैनिक भास्कर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री तब बने थे, जब उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। इसलिए इस बार भी वही करेंगे, जो उनके लिए शुभ होगा। उन्होंने कहा, “पिछली बार कहां से मुख्यमंत्री बना था, बताइए? लोकसभा से... तो वहीं से आकर शपथ लूंगा।” बता दें कि अखिलेश यादव 15 मार्च 2012 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उस समय वह कन्नौज से लोकसभा सांसद थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़कर विधान परिषद का सदस्य बनने का फैसला किया था।
भाजपा के 200 विधायकों के टिकट कटने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा पहले अपने 100 विधायकों के टिकट काटने वाली थी, लेकिन एमएलसी चुनाव में हार के बाद अब 200 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले काशी के मंत्रियों के टिकट कटेंगे। शिक्षक और स्नातक एमएलसी की दोनों सीटों पर सपा की जीत के बाद अखिलेश पहली बार वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि काशी को क्योटो तो नहीं बना पाए, लेकिन कम से कम क्योटो की तस्वीर ही लगा देते। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा विश्वनाथ ने आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी को जिताकर दोहरा आशीर्वाद दिया है। ईवीएम पर अपना रुख दोहराते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी सभी 80 लोकसभा सीटें ईवीएम से जीत भी जाए, तब भी वह इसके खिलाफ रहेंगे।
मुख्यमंत्री के स्वजातीय लोगों पर अत्याचार का आरोप
अखिलेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के स्वजातीय लोग पीडीए समाज के साथ अत्याचार कर रहे हैं और बुलडोजर कार्रवाई में भी भेदभाव हो रहा है। उन्होंने आरक्षण में गड़बड़ी, पेपर लीक, मणिकर्णिका घाट और दालमंडी के मुद्दे उठाते हुए कहा कि जनता इन घटनाओं को नहीं भूली है। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट से लेकर पाल समाज तक पर लाठीचार्ज किया गया और काशी की संस्कृति व विरासत को मिटाने की कोशिश हुई। उनके मुताबिक, एमएलसी चुनाव में जनता ने भाजपा को इसका जवाब दिया है। भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि असली अराजकता कहां है, यह मेडिकल व्यवस्था की हालत से समझा जा सकता है। उन्होंने बांदा में एक नवजात बच्चे को कुत्ते द्वारा नोचे जाने की घटना का जिक्र किया। साथ ही बरेली आए केंद्रीय मंत्री पर तंज कसते हुए सवाल किया कि वह शाहजहांपुर क्यों नहीं गए।
बागेश्वर बाबा के बयान पर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को लखनऊ में बैठे लोग धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार जाने के बाद बनारस मुस्कुराएगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शहर में मेट्रो बनाने का काम किया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयानों पर भी उन्होंने भाजपा को घेरा। अखिलेश ने कहा कि वह अपने घर में केदारेश्वर मंदिर बनवा चुके हैं और पूजा किए बिना कहीं नहीं निकलते। उन्होंने ऐसे बयानों को देने वालों को 'नकली सनातनी' बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के बारे में कही जा रही बातों से देश ही नहीं, दुनिया के लोग भी दुखी हैं। इसके अलावा उन्होंने काशी के बुनकरों की स्थिति और मां गंगा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने बनारस के बुनकरों की सुध क्यों नहीं ली। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने मां गंगा को भुला दिया है और उनके साथ भी धोखा किया है।