बनारस न्यूज डेस्क: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में इफ्तार पार्टी आयोजित करने और कथित तौर पर नदी में खाने का बचा हुआ सामान फेंकने के आरोप में गिरफ्तार 8 मुस्लिम युवकों को जमानत दे दी है। अदालत ने अलग-अलग आदेशों में यह राहत प्रदान की। न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला ने पांच आरोपियों को, जबकि न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने तीन अन्य आरोपियों को जमानत मंजूर की।
जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनमें मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद अनस, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान शामिल हैं। इससे पहले वाराणसी की सत्र अदालत और सीजेएम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद आरोपियों ने हाई कोर्ट का रुख किया था।
यह मामला 17 मार्च का है, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर वाराणसी पुलिस ने कार्रवाई की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खा रहे थे और बचा हुआ भोजन नदी में फेंक रहे थे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिनमें धार्मिक भावनाएं भड़काने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और जल स्रोत को प्रदूषित करने जैसी धाराएं शामिल थीं। साथ ही जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और शेष आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी अदालत में विचार किया जा सकता है।