बनारस न्यूज डेस्क: दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोर को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। अब बुलेट ट्रेन का दिल्ली स्टेशन सराय काले खां में बनाया जाएगा। करीब चार घंटे में दिल्ली से वाराणसी पहुंचाने वाली इस परियोजना के तहत राजधानी का स्टेशन पहले से विकसित हो रहे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब परिसर में ही प्रस्तावित है। इसके लिए इन्फ्लुएंस जोन प्लान में बदलाव पर सहमति बनी है और रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को डीपीआर अपडेट करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि पिछली बैठक में सराय काले खां को हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल करने के प्रस्ताव को केंद्र से मंजूरी नहीं मिल पाई थी, जिसके कारण इसे इन्फ्लुएंस जोन में शामिल नहीं किया गया था। अब नई परिस्थितियों में योजना में संशोधन कर इसे दोबारा जोड़ा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निजामुद्दीन–सराय काले खां मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के लिए इन्फ्लुएंस जोन प्लान को मंजूरी देने हेतु हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है।
NHSRCL ने प्रस्तावित हाई-स्पीड स्टेशन, मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और संभावित यात्री आंकड़ों से जुड़ी जानकारी साझा की है। योजना के तहत स्टेशन सराय काले खां और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास विकसित होगा। जमीनी हालात के अनुसार डीपीआर में जरूरी संशोधन कर नई रिपोर्ट पेश की जाएगी। वर्ष 2016 में गठित NHSRCL देश में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के वित्तपोषण, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही है।
केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक, दिल्ली से शुरू होने वाले तीन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें 813 किलोमीटर लंबा दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर प्रमुख है। बजट 2026–27 में सात नई बुलेट ट्रेन लाइनों को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई थी। यह कॉरिडोर दिल्ली और वाराणसी के अलावा नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या (कनेक्टिंग लिंक), रायबरेली, प्रयागराज और भदोही जैसे 12 प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, जिससे उत्तर भारत में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।