बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम लगातार करवट ले रहा है। बीती रात हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से आंशिक राहत दी, वहीं वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का असर भी तेज हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन से पहले अब क्षेत्र में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होंगी, जिसके चलते आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
देर रात करीब एक बजे के बाद मौसम अचानक बदला और आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद गरज-चमक के साथ लगभग आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश के दौरान हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में कुछ गिरावट महसूस की गई। हालांकि सुबह होते-होते वातावरण में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। सुबह से ही आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रही और पुरवा हवाएं चलती रहीं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में वाराणसी का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम रहा। इस दौरान अधिकतम आर्द्रता 56 प्रतिशत और न्यूनतम 37 प्रतिशत दर्ज की गई। रात में 0.5 मिमी वर्षा भी रिकॉर्ड की गई, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई और उमस अधिक महसूस की गई।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बादलों की सक्रियता बने रहने का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय स्तर पर बढ़ने वाली गर्मी (लोकल हीटिंग) के कारण बादलों का निर्माण होगा, जिससे कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। माना जा रहा है कि मानसून के पूर्व यह मौसमीय बदलाव क्षेत्र में लगातार देखने को मिलेगा।