बनारस न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा स्थित राष्ट्रपति भवन में वाराणसी से प्रेरित एक विशेष कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने उनका स्वागत किया और प्रदर्शनी का निरीक्षण कराया। यह प्रदर्शनी भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अनूठी पहल मानी जा रही है।
यह अंतरराष्ट्रीय कला परियोजना भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के सहयोग से आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य दृश्य कला के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना और स्लोवाक कलाकारों को भारत की आध्यात्मिक राजधानी माने जाने वाले वाराणसी को अपनी कला में अभिव्यक्त करने का अवसर देना था। प्रदर्शनी में शहर की संस्कृति, घाटों, धार्मिक अनुष्ठानों, वास्तुकला और आध्यात्मिक वातावरण को विभिन्न कलात्मक दृष्टिकोणों से प्रस्तुत किया गया है।
परियोजना के तहत स्लोवाकिया के पांच कलाकारों—एग्नेसा वावरिनोवा, लूका ब्रासे, पीटर जानोनी, स्टीफन कोक्का और पीटर पोलाग—ने 2 से 9 जून के बीच वाराणसी का दौरा किया। उन्होंने शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया तथा वहां के जनजीवन और वातावरण को करीब से महसूस किया। इन अनुभवों को उन्होंने अपनी कलाकृतियों में उकेरा है।
इसके अलावा पीटर उचनार और स्टैनिस्लाव हरांगोजो भारत नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने शोध सामग्री, तस्वीरों और अपनी कल्पनाशक्ति के आधार पर वाराणसी विषय पर कलाकृतियां तैयार कीं। प्रदर्शनी में शामिल सभी रचनाएं वाराणसी को केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि प्रेरणा, आध्यात्मिकता और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करती हैं।