बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी इन दिनों भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहा है। जून के तीसरे सप्ताह में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार केवल 8 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और नमी का स्तर 40 प्रतिशत होने के कारण लोगों को तेज गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ा। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 131 दर्ज किया गया, जो संवेदनशील लोगों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 21 जून के आसपास बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि 25 जून तक मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन के बाद तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव की संभावना है।
भीषण गर्मी के बावजूद काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा घाटों पर आध्यात्मिक अनुभव के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। तेज धूप और उमस के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आस्था के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। लोग गर्मी से बचने के लिए छाता, टोपी, गमछा और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं।
गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। प्रमुख घाटों और पर्यटन स्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। दशाश्वमेध घाट से गंगा पथ तक वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कुछ राहत मिल रही है। वहीं, भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को 24 जून तक बंद रखने का फैसला किया है। अब लोगों की निगाहें 21 जून की संभावित बारिश और 25 जून तक मानसून के आगमन पर टिकी हैं।