श्रीलंका के डाम्बुला में खेली जा रही ट्राई-सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम पर 'कुदरत का खेल' भारी पड़ गया। भारतीय बल्लेबाजों के दमदार और आतिशी प्रदर्शन के बूते खड़े किए गए 349 रनों के विशाल स्कोर के बावजूद, मैच में बार-बार आई बारिश और डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के पेचीदा गणित के चलते अफगानिस्तान ‘A’ को 4 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया। इस अप्रत्याशित हार के साथ ही भारतीय टीम को इस ट्राई-सीरीज में अपनी पहली शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
भारतीय बल्लेबाजों का धमाल, बोर्ड पर टांगा 349 का विशाल स्कोर
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय ए टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक और धमाकेदार रही। टीम के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआती ओवरों में ही महज 22 गेंदों पर 44 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम इंडिया को एक्सप्रेस स्पीड दे दी। उनके आउट होने के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने मोर्चा संभाला और मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। प्रभसिमरन ने 69 गेंदों में 14 शानदार चौकों की मदद से 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
इसके बाद मध्यक्रम में उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने अपनी क्लास दिखाई। दोनों ही अनुभवी बल्लेबाजों ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्धशतक जमाए और टीम के खाते में 66-66 रनों का अहम योगदान दिया। पारी के अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे के तेजतर्रार 40 रनों की बदौलत भारत ने निर्धारित 49 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 349 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
बारिश की एंट्री और बदला जीत का समीकरण
भारतीय पारी के समाप्त होने के तुरंत बाद डाम्बुला का मौसम बदल गया। तेज बारिश के कारण खेल काफी देर तक रुका रहा, जिसके चलते अंपायरों को ओवरों में कटौती करनी पड़ी। डकवर्थ-लुईस नियम के तहत अफगानिस्तान की ए टीम को जीत के लिए 38 ओवरों में 294 रनों का संशोधित टारगेट मिला।
विशाल लक्ष्य के जवाब में अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद सधी हुई और मजबूत रही। सलामी बल्लेबाज हसन ईसाखिल के 34 रन पर आउट होने के बाद, कप्तान इमरान मीर (नाबाद 75 रन) और बाहिर शाह (नाबाद 51 रन) ने मोर्चा संभाल लिया। इन दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया और तीसरे विकेट के लिए 108 रनों की अटूट व मैच जिताऊ साझेदारी की।
पार-स्कोर के गणित में बाजी मार गया अफगानिस्तान
जब अफगानिस्तान की टीम ने 25.5 ओवरों में 2 विकेट के नुकसान पर 177 रन बना लिए थे, तभी मैदान पर एक बार फिर मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस बार बारिश इतनी तेज थी कि दोबारा खेल शुरू होना मुमकिन नहीं था। चूंकि मैच में दूसरी बार खेल रुकने तक आधिकारिक नतीजे के लिए जरूरी न्यूनतम ओवरों का खेल पूरा हो चुका था, इसलिए अंपायरों ने DLS नियम का सहारा लिया।
डकवर्थ-लुईस नियम के कैलकुलेशन के हिसाब से 25.5 ओवर के खेल के बाद अफगानिस्तान का पार-स्कोर (Par-Score) 173 रन होना चाहिए था। जबकि अफगानिस्तान की टीम उस समय तक 177 रन बना चुकी थी। इस तरह अफगान टीम पार-स्कोर से ठीक 4 रन आगे रही और इसी गणित के आधार पर उन्हें मैच का विजेता घोषित कर दिया गया