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48 घंटे में दो बाहुबलियों के बीच कैसे फंसा अफगानिस्तान? एक ने तो एक्शन भी ले लिया

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Posted On:Saturday, November 29, 2025

पिछले 48 घंटों में अफगानिस्तान खुद को दो वैश्विक बाहुबलियों, अमेरिका और चीन, के बीच एक गंभीर भू-राजनीतिक संकट में फँसा हुआ पा रहा है। दोनों महाशक्तियों ने अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के कारण कड़े कदम उठाए हैं, जिससे देश एक बार फिर वैश्विक रडार पर आ गया है।

🇺🇸 अमेरिका में व्हाइट हाउस अटैक के बाद एक्शन

बुधवार को अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास हुए एक हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया। इस अटैक में दो नेशनल गार्ड पर हमला हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है।

हमले के संदिग्ध के रूप में अफगान नागरिक रहमानउल्लाह लकनवाल की पहचान की गई।

वीज़ा और शरण पर प्रतिबंध

इस घटना के तुरंत बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि वह सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर अब अफगान पासपोर्ट वाले यात्रियों को वीज़ा जारी करना अस्थायी रूप से रोक रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने यह भी बताया कि वे भविष्य के लिए सभी शरण (Asylum) आवेदनों पर निर्णय लेना अस्थायी रूप से रोक रहे हैं।

सीआईए (CIA) ने पुष्टि की कि संदिग्ध लकनवाल ने अमेरिका आने से पहले अफगानिस्तान में इस जासूसी एजेंसी के लिए काम किया था और पश्चिमी ताकतों के 2021 में देश से बाहर निकलने के तुरंत बाद वह अमेरिका आ गया था। अमेरिकी सीनेटर रुबियो ने ज़ोर देकर कहा कि "अमेरिका के लिए अपने राष्ट्र और अपने लोगों की सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं है।"

🇨🇳 ताजिकिस्तान में चीनी मजदूरों पर हमला

एक तरफ अमेरिका ने कार्रवाई की, वहीं दूसरी तरफ अफगान धरती से ताजिकिस्तान में ड्रोन लॉन्च किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बढ़ गया है। हाल ही में हुए इस ड्रोन हमले में ताजिकिस्तान के दक्षिणी खतलोन प्रांत में एक सोने की खदान कंपनी 'शाहीन एसएम गोल्ड माइन कंपनी' पर हमला हुआ, जिसमें कार्यरत तीन चीनी मजदूर मारे गए।

ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है। इस घटना ने चीन को भी सीधे तौर पर अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर गंभीर चिंता में डाल दिया है।

चीन की कड़ी निंदा और चेतावनी

ताजिकिस्तान में चीनी दूतावास ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे "गंभीर आपराधिक कृत्य" बताया।

दूतावास ने ताजिक अधिकारियों से मामले में तुरंत जाँच करने के लिए कहा और साथ ही, ताजिकिस्तान में रहने वाले चीनी नागरिकों को चेतावनी दी:

  • सतर्क रहने,

  • क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर नज़र बनाए रखने,

  • ताजिकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास यात्रा या काम करने से बचने, और

  • जो चीनी नागरिक वर्तमान में क्षेत्र में मौजूद हैं, उन्हें जल्द से जल्द वहाँ से निकल जाने के लिए कहा गया है।

अफगानिस्तान अब एक मुश्किल स्थिति में है, जहाँ अमेरिका ने सुरक्षा जोखिमों के कारण वीज़ा प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं चीन ने अपनी ज़मीन से हुए घातक हमले पर जाँच और सुरक्षा की मांग की है।


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