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अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद कूटनीतिक हलचल तेज: तेहरान ने तुर्की, इराक और मिस्र से साधा संपर्क; पीएम मोदी ने किया ऐतिहासिक डील का स्वागत, बैठक के लिए ट्रंप को साध रहे नेतन्याहू

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Posted On:Monday, June 15, 2026

अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चले भीषण युद्ध के औपचारिक समापन और ऐतिहासिक फ्रेमवर्क समझौते (Framework Peace Accord) पर सहमति बनने के बाद वैश्विक कूटनीतिक पटल पर बैठकों और संवाद का दौर विखंडन रूप से तेज हो गया है। सोमवार, 15 जून 2026 को समझौते की पुष्टि होने के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कूटनीतिक ग्रिड को सक्रिय करते हुए तुर्की, इराक और मिस्र (Egypt) के विदेश मंत्रियों से टेलीफोन पर अलग-अलग विस्तृत विलेख बातचीत की। अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर इस क्षेत्रीय आउटरीच की जानकारी देते हुए अराघची ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने मध्य पूर्व के इन प्रमुख देशों के सामने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ तय की गई कूटनीतिक शर्तों का ब्योरा साझा किया है।

ईरानी विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से कहा कि इस अस्थाई समझौते की सफलता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि लेबनान पर होने वाले इजरायली हमलों को तत्काल और स्थाई रूप से विधिक रूप से रोका जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के इस पूर्ण खात्मे और हस्ताक्षरित शांति प्रारूप को जमीन पर अक्षरशः लागू करने की विखंडन जिम्मेदारी सीधे तौर पर वाशिंगटन की है। अराघची ने युद्ध के कठिन दौर में और कूटनीतिक चैनल स्थापित करने में तेहरान का निरंतर समर्थन करने के लिए तुर्की, बगदाद और काहिरा की सरकारों का विशेष आभार व्यक्त किया।

दूसरी ओर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस युगांतकारी समझौते का पुरजोर स्वागत करते हुए दोनों महाशक्तियों के इस विलेख कदम की सराहना की है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, 'मैं अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए बनी कूटनीतिक समझ का स्वागत करता हूं। इस लंबे सैन्य तनाव के कारण पूरी दुनिया में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा हुए और कई निर्दोष देशों को मानवीय व वित्तीय क्षति झेलनी पड़ी।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस डील के प्रभावी क्रियान्वयन से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बहाल होगी।

इस बीच, इस पूरे कूटनीतिक घटनाक्रम से असहज नजर आ रहे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक आपातकालीन व्यक्तिगत मुलाकात का समय हासिल करने की कूटनीतिक कोशिशों में जुट गए हैं। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क एनबीसी न्यूज (NBC News) ने शीर्ष इजरायली अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि नेतन्याहू इस घोषित ईरान डील के प्रावधानों, विशेष रूप से लेबनान युद्धविराम और ईरान के परमाणु संवर्धन (Nuclear Enrichment) के 60-दिवसीय फ्रेमवर्क क्लॉज पर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक तत्काल द्विपक्षीय बैठक का विधिक इंतजाम करने का प्रयास कर रहे हैं।


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