पाकिस्तान के बलूचिस्तान और सिंध में अलग-अलग हमलों को लेकर बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (UBA) ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। दोनों संगठनों के मुताबिक, इन घटनाओं में बिजली के टावरों, एक सरकारी कार्यालय और पाकिस्तानी सैन्य चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
नसीराबाद में बिजली के टावरों को नुकसान पहुंचाने का दावा
BRG के प्रवक्ता दोस्तैन बलोच ने दावा किया कि मंगलवार रात बलूचिस्तान के नसीराबाद जिले में छत्तर के पास 220 केवी क्षमता वाले दो बिजली टावरों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाया गया। संगठन के मुताबिक, धमाकों के बाद दोनों टावरों को भारी नुकसान पहुंचा।
बिजली के बुनियादी ढांचे पर हमलों से किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। हालांकि, इस घटना के बाद बिजली आपूर्ति पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ा, इसकी स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं आई है।
कृषि कार्यालय पर भी हमले का दावा
BRG ने एक अन्य घटना को लेकर दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 9 अगस्त को कच्छी जिले के डाढ़र में एक कृषि कार्यालय को निशाना बनाया था। संगठन के अनुसार, विस्फोट के कारण सरकारी इमारत को काफी नुकसान हुआ।
BRG ने सिंध के शिकारपुर के पास भी सोमवार रात बिजली के दो टावरों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया। संगठन की ओर से इन घटनाओं को अपने अभियान का हिस्सा बताया गया है।
UBA ने सैन्य चेकपोस्ट को निशाना बनाने का दावा किया
दूसरी ओर, यूनाइटेड बलूच आर्मी यानी UBA के प्रवक्ता मजार बलोच ने एक सैन्य चेकपोस्ट पर हमले का दावा किया। उनके मुताबिक, सोमवार शाम करीब 7:10 बजे बोलान में पंजरा ब्रिज के पास दराज बीट स्थित पाकिस्तानी सैन्य चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया।
UBA ने दावा किया कि चेकपोस्ट पर रिमोट-कंट्रोल विस्फोटक के जरिए हमला किया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक जानकारी इस रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट नहीं है।
‘पूरी आजादी तक जारी रहेंगे ऑपरेशन’
BRG ने अपने दावों के साथ कहा कि बलूचिस्तान की पूरी आजादी तक उसके अभियान जारी रहेंगे। संगठन की ओर से बिजली और सरकारी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों से जूझता रहा है। क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न सशस्त्र संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच समय-समय पर संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं।
दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
इन घटनाओं को लेकर BRG और UBA की ओर से किए गए दावों को स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित नहीं किया गया है। ऐसे मामलों में संगठनों के दावों और आधिकारिक सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के बीच अंतर हो सकता है।
फिलहाल इन घटनाओं के बाद सुरक्षा स्थिति और बिजली आपूर्ति पर पड़े प्रभाव को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। आने वाले समय में पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से सामने आने वाली जानकारी से इन हमलों की वास्तविक स्थिति और नुकसान का पता चल सकता है।