अभिनेत्री कीटू गिडवानी ने देश में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर बेबाक अंदाज़ में अपनी राय रखी है। एक मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से उन्हें कोई डर नहीं लगता। अपने करीब चार दशक लंबे करियर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने साफ कहा कि अपनी बात रखने की कीमत अगर करियर से भी चुकानी पड़े, तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या आज के कलाकार पहले की तुलना में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से बचते हैं, तो कीटू ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं डरती नहीं हूँ। मेरे पास 38 साल का काम का अनुभव है, इसलिए मैं अपने मन की बात कहूँगी।" इसके बाद छात्र आंदोलनों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से जुड़े मौजूदा हालात पर चिंता जताई और सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए।
कीटू ने आगे कहा कि अगर अपनी राय रखने की वजह से उनके करियर पर कोई असर पड़ता है, तो भी उन्हें इसकी परवाह नहीं है। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन और करियर में बहुत कुछ हासिल किया है और अब वह किसी दबाव में चुप रहने वाली नहीं हैं। उन्होंने युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोज़गार जैसे मुद्दों को देश की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इन सवालों पर खुली चर्चा होनी चाहिए। बातचीत के दौरान उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति और अर्थव्यवस्था को लेकर भी अपनी व्यक्तिगत राय साझा की, जिन पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।
कीटू गिडवानी के इस इंटरव्यू के सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस तेज़ हो गई। कई लोगों ने उनकी बेबाकी और बिना डरे अपनी बात रखने की सराहना की, जबकि कई अन्य यूज़र्स ने उनके कुछ राजनीतिक और आर्थिक दावों से असहमति जताई। सार्वजनिक जीवन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर अक्सर होने वाली बहस की तरह इस बार भी लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नज़र आई। यह ध्यान देने वाली बात है कि इंटरव्यू में व्यक्त विचार कीटू गिडवानी के निजी विचार हैं।
भारतीय टेलीविज़न और सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा रहीं कीटू गिडवानी ने 'स्वाभिमान', 'शक्तिमान', 'एयर होस्टेस', 'डांस ऑफ़ द विंड', 'अर्थ', 'अभय' और 'देहम्' जैसे प्रोजेक्ट्स में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई है। अपने अभिनय के साथ-साथ वह समय-समय पर सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर राय रखती रही हैं। उनका ताज़ा बयान भी इसी सिलसिले की एक और कड़ी बन गया है, जिसने छात्र आंदोलनों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहस में एक नई चर्चा जोड़ दी है।