'लॉक अप 2' की पूर्व कंटेस्टेंट पामेला सेरेना ने शो के सबसे चर्चित 'लॉकर रूम' विवाद पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। ग्रैंड फिनाले से तीन दिन पहले बाहर हुईं पामेला ने कहा, "यह मेरा पहला भारतीय रियलिटी शो था और मैंने यहां बहुत कुछ सीखा। यहां हर शब्द और हर कदम सोच-समझकर रखना पड़ता है क्योंकि लोग बहुत जल्दी बातों को दिल पर ले लेते हैं। शुरुआत में मैंने सिर्फ लोगों को समझने की कोशिश की और फिर अपनी रणनीति बनाई।"
घर के कंटेस्टेंट्स के बारे में बात करते हुए पामेला ने बिना झिझक कहा, "सबसे ज़्यादा सेंसिटिव लोग हर्षद और शिवांगी थे। वे छोटी-छोटी बातों और मज़ाक को भी बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। एक वोट की वजह से हर्षद ने मुझे काफी परेशान किया, जबकि हमारी इतनी करीबी भी नहीं थी। अगर किसी ने शो में अपना असली रंग दिखाया, तो वह आकांक्षा चौधरी थीं।"
सबसे ज़्यादा चर्चा 'लॉकर रूम' विवाद को लेकर हुई। इस पर पामेला ने अपनी सफाई देते हुए कहा, "जो कैमरे पर दिखाया गया, वह पूरी कहानी नहीं थी। लोग समझ रहे थे कि मैं आकांक्षा के एलिमिनेशन की वजह से परेशान थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था। वह पूरा मामला मेरे बारे में था। मैं एक परफेक्शनिस्ट हूँ। मुझे खुद को लेकर बहुत लगाव है और मैं हमेशा जानना चाहती हूँ कि कैमरे पर मैं कैसी दिख रही हूँ। मेरा मेकअप, मेरे बाल और मेरे एक्सप्रेशन कैसे लग रहे हैं, यही मेरे दिमाग में चल रहा था।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने उर्फी, हिना और जेल टीम को भी समझाने की कोशिश की कि मामला कुछ और है, लेकिन कोई मेरी बात सुनना ही नहीं चाहता था। जब आकांक्षा और योगेश में से किसी एक को चुनने का वक्त आया तो मैंने योगेश का नाम लिया क्योंकि उसने चमोला के लिए अपना सीक्रेट शेयर किया था। आकांक्षा को खुद इस बात का बुरा नहीं लगा था, लेकिन पूरे मामले को अलग ही रंग दे दिया गया। मैं मानती हूँ कि मैं खुद को लेकर बहुत सजग रहती हूँ और हमेशा अच्छा दिखना चाहती हूँ।" पामेला के इन बयानों के बाद 'लॉक अप 2' का यह विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।