भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज मध्यक्रम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। रहाणे के इस फैसले के साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक ऐसे स्वर्णिम अध्याय का समापन हो गया है, जिसमें नेतृत्व और धैर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। भारत के 94 वर्षों के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में कुल 38 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी संभाली है, लेकिन उनमें से केवल चार ही ऐसे कप्तान रहे हैं जिन्होंने अपने नेतृत्व में कभी किसी टेस्ट मैच में पराजय का सामना नहीं किया। रहाणे इस विशिष्ट सूची में सबसे सफल और आधुनिक नाम हैं।
अजिंक्य रहाणे ने कुल 6 टेस्ट मैचों में भारत की कमान संभाली, जिसमें से टीम ने 4 मुकाबलों में ऐतिहासिक जीत हासिल की जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। विशेष रूप से 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में उनके नेतृत्व में मिली जीत को भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे महान क्षणों में गिना जाता है। रहाणे से पूर्व, भारत के लिए केवल 1-1 टेस्ट में कप्तानी करने वाले हेमू अधिकारी (1959 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ड्रॉ) और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री (1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 225 रनों से जीत) का नाम इस अजेय सूची में शामिल है।
इसके अलावा, पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 1989 के ऐतिहासिक पाकिस्तान दौरे पर 4 टेस्ट मैचों में कप्तानी की थी, और वे चारों मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए थे। इन दिग्गजों में रहाणे एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने 5 से अधिक मैचों में कप्तानी करते हुए 100 प्रतिशत अपराजित रहने का रिकॉर्ड कायम रखा है। क्रिकेट विश्लेषकों ने रहाणे के इस बेदाग कप्तानी रिकॉर्ड और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की जमकर सराहना की है।