राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 23 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र शोधकर्ताओं—नेहा, आमीन और मनीष—ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सोमवार को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी सांसदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और प्रख्यात हस्तियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल विरोध स्थल पर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल के विशेष आग्रह और यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि छात्रों की मांगों को अब संसद के पटल और सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से उठाया जाएगा, तीनों कार्यकर्ताओं ने पानी पीकर अपना उपवास तोड़ा।
गौरतलब है कि तीन सप्ताह से भी अधिक समय से बिना अन्न-जल ग्रहण किए धरने पर बैठे इन छात्रों का स्वास्थ्य गंभीर स्थिति में पहुँच गया था। लगातार गिरते ब्लड शुगर और वजन में भारी गिरावट के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थल पर पहुँचे वरिष्ठ नेताओं और नागरिक समाज के चेहरों ने छात्रों के इस संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन ने देश के लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा दी है। हालाँकि मैदान में अनशन समाप्त हो गया है, परंतु विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का यह आंदोलन अब संसद के भीतर और सड़कों पर समान रूप से जारी रहेगा।