छात्र आंदोलन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच देश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हिरासत में लिए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने उनके कपड़े खींचे और उनका कुर्ता फाड़ने की कोशिश की। अखिलेश यादव ने कहा कि गनीमत यह रही कि उनका कुर्ता गांधी आश्रम का बना मजबूत खादी का था और उनकी सदरी भी टिकाऊ थी, जिसके कारण पुलिसकर्मी अपने प्रयास में सफल नहीं हो सके।
पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सुरक्षा बल की ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि वे कुर्ता खींचने वाले पुलिसकर्मी का चेहरा बहुत अच्छी तरह पहचानते हैं। अखिलेश के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने उस पुलिसकर्मी का हाथ पकड़कर सवाल पूछा, वह वहां से भाग खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं और यदि उस पुलिसकर्मी को सामने लाया जाए, तो वे तुरंत उसकी पहचान कर सकते हैं।
यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब विपक्षी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर रुख किया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।