दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद लगभग 24-25 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके तुरंत बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना।
अस्पताल में एक घंटे से अधिक चली बैठक
सूत्रों के मुताबिक, मेदांता अस्पताल के ICU-8 में भर्ती वांगचुक से केंद्रीय मंत्रियों की यह बैठक एक घंटे से भी अधिक समय तक चली:
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संसद में चर्चा का आश्वासन: जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक को सूचित किया कि केंद्र सरकार उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संसद में चर्चा शुरू करने के लिए तैयार है।
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शिक्षा सुधारों पर ठोस कदम: मंत्रियों ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि देश में शिक्षा सुधारों को लेकर सरकार आवश्यक, त्वरित और उचित कदम उठा रही है।
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छात्रों से शांति की अपील का आग्रह: सरकार ने वांगचुक से अनुरोध किया कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों और समर्थकों से सरकार पर भरोसा रखने तथा कोई भी आंदोलनात्मक या कठोर कदम न उठाने की अपील करें।
दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश और पृष्ठभूमि
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पत्नी की याचिका पर फैसला: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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अस्पताल में शिफ्टिंग: हाई कोर्ट ने मंगलवार को ही उन्हें तुरंत मेदांता शिफ्ट करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस से उन्हें गुरुग्राम ले जाया गया।
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डॉक्टरों की निगरानी: एम्स (AIIMS) और सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की संयुक्त टीम भी मेदांता में उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।
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गृह मंत्री से मुलाकात: मेदांता अस्पताल जाने से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की थी।