मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों और घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर की गई चौतरफा लिवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार बुधवार (15 जुलाई 2026) को पिछले सत्र की गिरावट से उबरने में पूरी तरह सफल रहे। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज के विखंडनकारी उतार-चढ़ाव के बाद 130.49 अंक (0.17 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 77,185.43 अंक पर मुस्तैद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी-50 भी 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत के सांख्यिकी सुधार के साथ 24,078.50 अंक के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेवा प्रदाताओं के शेयरों ने बाजार को संभालने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम किया।
इस कारोबारी सत्र के सांख्यिकी विवरण और बाजार लॉजिस्टिक्स पर गौर करें तो आज दलाल स्ट्रीट पर भारी कड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। सेंसेक्स ने सत्र के दौरान 77,646 अंक के ऊपरी स्तर और 76,983 अंक के निचले स्तर को छुआ, जिसके कारण पूरे दिन में लगभग 663 अंकों का विखंडनकारी फासला दर्ज किया गया। मुख्य सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजार में मिडकैप-50 और स्मॉलकैप-100 सूचकांकों में क्रमशः 0.27% और 0.67% की कड़ा तेजी दर्ज की गई, जो खुदरा निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। सेक्टोरल विन्यास की बात करें तो तेल एवं गैस, ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में नियमों के तहत अच्छी खरीदारी देखी गई, जबकि आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर पुराने विवादों के चलते लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स की शीर्ष 30 बड़ी कंपनियों के सांख्यिकी विलेखों के अनुसार, आज 17 शेयर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में तकनीकी लिवाली के कारण सबसे अधिक मुनाफा दर्ज किया गया। इसके विपरीत, पावरग्रिड, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और टाटा स्टील के शेयरों को बिकवाली के कड़े दबाव का सामना करना पड़ा। वैश्विक मोर्चे पर जहां जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग मजबूत बंद हुए, वहीं यूरोपीय बाजारों में शुरुआती सत्र के दौरान नरमी मुस्तैद रही। खेल अब पूरी तरह से आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणामों और संस्थागत पूंजी प्रवाह के सांख्यिकी आंकड़ों पर टिका है।