हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी की गिरफ्तारी ने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में पेशेवर आचरण और महिला सुरक्षा को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। अट्टापुर पुलिस ने 2025 बैच के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी को एक महिला प्रशिक्षु अधिकारी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया है। आरोपी पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने, आपराधिक धमकी देने और डिजिटल माध्यमों से कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए डिजिटल रिकॉर्ड, संचार संबंधी जानकारी और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच फिलहाल जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
प्राथमिकी के अनुसार, दोनों अधिकारियों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से परिचय हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंध समाप्त होने के बाद भी आरोपी लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा। आरोपों में बार-बार पीछा करना, कथित रूप से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाना, निजी बातचीत सार्वजनिक करने की धमकी देना तथा पीड़िता के परिजनों और परिचितों से संपर्क कर दबाव बनाने का प्रयास भी शामिल है। इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
हैदराबाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। महिला सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में टीम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल उत्पीड़न, ऑनलाइन धमकी और पीछा करने जैसे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, कानून के अनुसार आरोपी को भी निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है और दोष सिद्ध होने तक उसे निर्दोष माना जाता है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के आधार पर तय होगी