छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया और विभिन्न आधारभूत एवं औद्योगिक परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे। सबसे पहले उन्होंने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य सरकार की ओर से सभी जरूरी स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं। उनका कहना था कि इस परियोजना के शुरू होने से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता मिलेगी, साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दूसरे प्रस्ताव के तहत मुख्यमंत्री ने उन 461 गांवों का मुद्दा उठाया, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक बिजली का स्थायी ग्रिड नहीं पहुंच सका है। वर्तमान में इन गांवों में ऑफ-ग्रिड बिजली व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय और तकनीकी सहायता देने का अनुरोध किया, ताकि ग्रामीणों को स्थायी और बेहतर विद्युत सुविधा मिल सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने रायपुर या बस्तर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जैसी स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना था कि इससे राज्य के आदिवासी और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी और गंभीर उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
बैठक के दौरान बस्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में विकास परियोजनाओं को तेज गति मिलेगी और इससे किसानों, युवाओं तथा ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ होगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस बैठक को छत्तीसगढ़ के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इन प्रस्तावों पर केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, जिससे राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।