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कब्ज और ब्लड शुगर: जानिए क्या सचमुच दोनों में है कोई कनेक्शन, विशेषज्ञों ने बताई ये जरूरी बातें

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Posted On:Monday, August 3, 2026


आमतौर पर कब्ज को पाचन से जुड़ी समस्या माना जाता है, जबकि ब्लड शुगर (ग्लूकोज) का संबंध पैंक्रियाज, इंसुलिन और डायबिटीज से जोड़ा जाता है। लेकिन क्या इन दोनों के बीच कोई गहरा संबंध है? क्या कब्ज होने से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है? हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस पर खुलकर बात की है और इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझाया है।
क्या कब्ज और ब्लड शुगर जुड़े हुए हैं?
बेंगलुरु स्थित साइटकेयर हॉस्पिटल्स के जीआई एंड एचपीबी सर्जरी विभाग के सीनियर कंसलटेंट डॉ. आदित्य वी. नरागंड के अनुसार, कब्ज और ब्लड शुगर रेगुलेशन आपस में जुड़े जरूर हैं, लेकिन अकेले कब्ज को सीधे तौर पर उच्च रक्त शर्करा (High Blood Sugar) का कारण नहीं माना जाता।
चिकित्सीय रूप से, कब्ज को अक्सर अनियंत्रित डायबिटीज का परिणाम देखा जाता है। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहता है, तो यह उन नसों को प्रभावित करता है जो आंतों की गतिशीलता (Intestinal Movement) को नियंत्रित करती हैं। इसके कारण आंतों में भोजन और मल की गति धीमी हो जाती है, जिससे पुराने (क्रोनिक) कब्ज की समस्या पैदा हो सकती है।
दोनों समस्याओं के साझा कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज और असामान्य ग्लूकोज स्तर, दोनों के पीछे अक्सर कुछ एक जैसे कारण होते हैं, जैसे:

  • शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना (Inactivity)
  • फाइबर युक्त आहार की कमी
  • डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)
  • मोटापा (Obesity) और मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन
गट हेल्थ (आंतों के स्वास्थ्य) की भूमिका
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (पाचन तंत्र) आंतों के कार्य और मेटाबॉलिक हेल्थ दोनों को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गट माइक्रोबायोम (आंत के अच्छे बैक्टीरिया) फाइबर को शॉर्ट-चेन फैटी एसिड में बदलते हैं, जो आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार करते हैं, सूजन को कम करते हैं और इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित करते हैं।
डॉ. नरागंड के अनुसार, जब गट माइक्रोबायोम असंतुलित हो जाता है या पर्याप्त मात्रा में फाइबर नहीं मिलता है, तो लोगों को खराब ग्लूकोज कंट्रोल के साथ-साथ कब्ज की समस्या भी हो सकती है। फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और विभिन्न प्रकार के पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों के सेवन से आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे मल त्याग और ब्लड शुगर दोनों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
डायबिटीज या प्री-डायबिटीज में कब्ज का प्रबंधन कैसे करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को डायबिटीज या प्री-डायबिटीज के साथ कब्ज की शिकायत है, तो उसे इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • ब्लड शुगर पर नियंत्रण: सबसे पहले अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें।
  • डाइट और हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि: वॉक या एक्सरसाइज को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
डॉक्टर की सलाह: यदि कब्ज लंबे समय तक बना रहे, गंभीर पेट दर्द हो या अचानक से मल त्याग की आदतों में बदलाव दिखे, तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें, ताकि अंतर्निहित कारणों का पता लगाया जा सके।


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