हार्ट फेलियर (Heart Failure) को लोग अक्सर अचानक होने वाली बीमारी समझ लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह वर्षों तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, खराब खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, नींद की कमी और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल जैसे कारणों के धीरे-धीरे जमा होने का परिणाम होता है।
इसी संदर्भ में, अमेरिका के प्रसिद्ध हार्ट ट्रांसप्लांट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दमित्री यारानोव (Dr. Dmitry Yaranov) ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए उन 5 आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें वे दिल को स्वस्थ रखने और हार्ट फेलियर से बचने के लिए खुद कभी नहीं करते।
कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा बताई गईं 5 मुख्य बातें:
ब्लड प्रेशर (BP) को कभी नजरअंदाज न करना:
डॉ. यारानोव के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर एक "साइलेंट किलर" है। कई बार व्यक्ति खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है, लेकिन फिर भी उसका बीपी बढ़ा हो सकता है। इसलिए वे नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करते हैं।
एक्सरसाइज (व्यायाम) कभी मिस न करना:
हमारा दिल भी एक मांसपेशी (Muscle) है। यदि इसका उपयोग नहीं करेंगे, तो यह कमजोर होता जाएगा। दिल को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज बेहद जरूरी है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स पर निर्भर न रहना:
पैक्ड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाना शरीर में सूजन (Inflammation) और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। इसके विपरीत, प्राकृतिक और ताजा खाना (Real Food) दिल की रक्षा करता है।
नींद की उपेक्षा न करना:
खराब नींद या 'स्लीप एप्निया' (Sleep Apnea) जैसी समस्याएं ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती हैं और हार्ट फेलियर का जोखिम पैदा कर सकती हैं। रात में 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद आवश्यक है।
ज़रूरी प्रिवेंटिव दवाओं से इनकार न करना:
यदि डॉक्टर ने कोलेस्ट्रॉल घटाने (स्टैटिन) या ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने की दवाएं दी हैं, तो उन्हें समय पर लेना चाहिए। ये दवाएं जान बचाने में मददगार साबित होती हैं।
विशेषज्ञों की राय
कार्डिया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संस्थापक डॉ. सी. एम. नागेश ने भी इन बातों का समर्थन करते हुए कहा कि लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल की मांसपेशियों को मोटा और कमजोर बना देता है।
- जांच: सामान्य स्थिति में साल में कम से कम एक बार बीपी जरूर जांचें। वहीं, 40 वर्ष से अधिक उम्र, डायबिटीज, मोटापा या दिल की बीमारी के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को अधिक बार जांच करानी चाहिए।
- जीवनशैली: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम शारीरिक गतिविधि, कम नमक व चीनी का सेवन, धूम्रपान से दूरी और संतुलित नींद से दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।