गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और गर्मी से बचने के लिए लोग दफ्तरों, घरों, कारों और मॉल में लंबे समय तक एयर कंडीशनर (AC) में रहते हैं। हालांकि, एसी हमें गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन कई लोग शिकायत करते हैं कि लंबे समय तक ठंडी जगह पर बैठने के बाद उनके जोड़ों में अकड़न, दर्द या बेचैनी बढ़ जाती है। क्या वाकई एसी में ज्यादा देर बैठने से जोड़ों का दर्द होता है? आइए जानते हैं कि इस पर विज्ञान और चिकित्सा विशेषज्ञ क्या कहते हैं।
नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसलटेंट ऑर्थोपेडिक और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. राजू वैश्य ने बताया कि एसी सीधे तौर पर गठिया (Arthritis) या हड्डियों की कमजोरी का कारण नहीं बनता है। लेकिन, एसी के ठंडे माहौल में लंबे समय तक बिना शारीरिक गतिविधि के बैठे रहने से जोड़ों की अकड़न और मांसपेशियों की परेशानी जरूर बढ़ जाती है। विशेषकर उन लोगों में, जो पहले से ही गठिया या जोड़ों की किसी पुरानी चोट से पीड़ित हैं।
ठंडी हवा से शरीर में क्या बदलाव होते हैं?
डॉ. वैश्य के अनुसार, जब हम लंबे समय तक ठंडे एसी वातावरण में रहते हैं, तो शरीर में कई शारीरिक बदलाव (Physiological Changes) होते हैं:
- रक्त संचार में कमी: ठंडी हवा के संपर्क में आने से मांसपेशियों और जोड़ों में रक्त का प्रवाह (Blood Flow) कम हो जाता है।
- ऑक्सीजन और ग्लूकोज की कमी: रक्त संचार धीमा होने के कारण ऊतकों (Tissues) तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता, जो मांसपेशियों के बेहतर कामकाज के लिए जरूरी है।
- अकड़न और जकड़न: इसके परिणामस्वरूप मांसपेशियां और जोड़ सख्त हो जाते हैं, जिससे शरीर की गतिशीलता (Mobility) कम हो जाती है और भारीपन महसूस होने लगता है। लंबे समय तक ठंडे कमरे में सोने या बैठने से सीधे तौर पर यह अकड़न सामने आती है।
इसके अलावा, दफ्तरों में लोग अक्सर एसी के ठीक नीचे या सामने बैठकर घंटों एक ही पोजीशन में काम करते हैं। शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Behavior) और ठंडी हवा का यह संयोजन दर्द को और बढ़ा देता है।
ऑफिस जाने वाले लोग एसी से होने वाले दर्द से कैसे बचें?
विशेषज्ञों ने दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कुछ बेहद आसान और व्यावहारिक उपाय सुझाए हैं:
- सही तापमान बनाए रखें: एसी का तापमान हमेशा 25°C से 27°C के बीच रखें। ध्यान रखें कि तापमान कभी भी 20°C से नीचे न जाए।
- शारीरिक दूरी और ब्रेक लें: ठंडी हवा के सीधे झोंके (Direct Airflow) के नीचे बैठने से बचें। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ा टहलें (Movement Breaks)।
- बाहर की हवा लें: 8 घंटे की शिफ्ट के दौरान कम से कम दो बार कुछ देर के लिए बाहर जाएं ताकि शरीर को प्राकृतिक गर्माहट मिल सके और ताजी हवा मिल सके।
- जोड़ों को ढक कर रखें: यदि ऑफिस में बहुत ठंडक रहती है, तो अपने पास एक हल्का शॉल या जैकेट रखें ताकि आपके जोड़ों पर सीधे ठंडी हवा न लगे।
- स्ट्रेचिंग और हाइड्रेशन: गर्म से ठंडे माहौल में जाते समय हल्की स्ट्रेचिंग करें और शरीर में बेहतर रक्त संचार बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें (खुद को हाइड्रेटेड रखें)।
- एसी की सफाई: ऑफिस या घरों में एसी के फिल्टर और डक्ट्स की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष: हड्डियों के डॉक्टरों (Orthopedics) का मानना है कि एसी खुद कोई बीमारी पैदा नहीं करता, बल्कि ठंड और एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने की आदत मिलकर जोड़ों में दर्द और अकड़न पैदा करती है। ऊपर दिए गए छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।