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पेट की समस्याओं को न करें नजरअंदाज: गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताईं वो 4 जरूरी जांचें, जिन्हें लोग अक्सर कर देते हैं इग्नोर

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Posted On:Saturday, August 1, 2026


पेट में गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना), अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं को अक्सर लोग सामान्य मानकर टाल देते हैं या बिना डॉक्टर की सलाह के प्रोबायोटिक्स और एंटासिड दवाएं लेने लगते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पेट से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी रहें, तो केवल जीवनशैली में बदलाव या अंदाजे से इलाज करने के बजाय सही मेडिकल जांच (Gut Health Tests) कराना बेहद जरूरी है।
प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी और बेंगलुरु के साइटकेयर अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. आदित्य वी. नारगुंड ने पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी ऐसी 4 मुख्य जांचों (Tests) के बारे में बताया है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं:
1. फिकल काल्प्रोटेक्टिन टेस्ट (Faecal Calprotectin Test)
क्या काम करता है: यह मल (Stool) की एक आसान सी जांच है, जो यह बताती है कि आंतों में असली सूजन (Inflammation) है या फिर यह केवल इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की समस्या है।
कब है जरूरी: यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से दस्त, पेट में लगातार दर्द, मल में खून आने या अचानक वजन घटने की शिकायत हो, तो यह जांच आईबीडी (IBD) और आईबीएस (IBS) के बीच अंतर स्पष्ट करने में मदद करती है।
2. सीलिएक डिजीज टेस्टिंग (Celiac Disease Testing)
क्या काम करता है: कई लोग बिना जांच कराए ही खुद को ग्लूटेन-इनटॉलरेंट मान लेते हैं। सीलिएक रोग की सही जांच के लिए ब्लड टेस्ट (जैसे TTG IgA) किया जाता है।
ध्यान रखने योग्य बात: विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जांच कराने से पहले भोजन में ग्लूटेन (गेहूं आदि) बंद नहीं करना चाहिए, वरना टेस्ट रिपोर्ट में गलत परिणाम (False Negative) आ सकते हैं।
कब है जरूरी: यदि आप वर्षों से पेट फूलने, थकान, अनिमिया (खून की कमी) या पोषक तत्वों की कमी से जूझ रहे हैं, तो यह जांच जरूरी हो सकती है।
3. एच. पायलोरी ब्रीथ टेस्ट (H. Pylori Breath Test)
क्या काम करता है: यह एक आसान और नॉन-इन्वेसिव सांस की जांच (Breath Test) है, जो पेट में Helicobacter pylori बैक्टीरिया की उपस्थिति का पता लगाती है। यह बैक्टीरिया गैस्ट्राइटिस, पेट के अल्सर और भविष्य में पेट के कैंसर का कारण बन सकता है।
कब है जरूरी: यदि किसी को पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार बेचैनी, बार-बार एसिडिटी या अल्सर के लक्षण महसूस हों।
4. पैंक्रियाटिक स्टूल इलास्टेस टेस्ट (Pancreatic Stool Elastase Test)
क्या काम करता है: यह जांच यह मापने में मदद करती है कि आपका अग्न्याशय (Pancreas) भोजन—खासकर वसा (Fats)—को पचाने के लिए पर्याप्त एंजाइम बना रहा है या नहीं।
कब है जरूरी: यदि भोजन ठीक से न पच रहा हो, मल अत्यधिक चिकना (Greasy) आ रहा हो, या पुरानी अग्न्याशय समस्याओं (Pancreatitis) व डायबिटीज के कारण बिना वजह वजन घट रहा हो।
स्व-निदान (Self-Diagnosis) से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सुनकर या बिना डॉक्टर से परामर्श किए खुद ही प्रोबायोटिक्स, एंजाइम सप्लीमेंट्स या डाइट बंद कर देना खतरनाक हो सकता है। इससे बीमारी का सही समय पर पता लगाने में देरी हो जाती है।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
यदि लक्षण कई हफ़्तों तक बने रहें या नीचे दिए गए कोई चेतावनी संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • मल में खून या म्यूकस आना
  • अचानक और बिना कारण वजन घटना
  • रात में नींद खराब करने वाला पेट दर्द या दस्त
  • लगातार उल्टी या निगलने में कठिनाई होना


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