बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने फिर से रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और मानसिक तनाव की ओर ध्यान खींचा है। बनकट गांव के रहने वाले 30 वर्षीय राहुल मिश्रा ने 9 दिसंबर को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मौत से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने बाइक चलाते हुए 7 मिनट 29 सेकंड का भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें पत्नी संध्या मिश्रा पर बेवफाई, बेटे से मिलने न देने और 498A में फंसाकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि राहुल और संध्या की कहानी लव मैरिज से शुरू हुई थी, लेकिन यह कहानी बेहद दर्दनाक अंत तक पहुंच गई।
राहुल वाराणसी में एक व्यापारी के यहां लग्जरी गाड़ी चलाते थे और BHU गंगापुर कैंपस के छात्रों के बीच भी उनकी पहचान थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात लोहता थाना क्षेत्र की संध्या से हुई और दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। परिवार की नाराजगी के बावजूद संध्या ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की, जिसके बाद 2021 में दोनों की शादी करा दी गई। एक बेटा हुआ और कुछ साल सब ठीक रहा, लेकिन परिवार के मुताबिक रिश्तेदारी में संध्या की मुलाकात शुभम सिंह उर्फ 'डेंजर' से होने के बाद हालात बिगड़ते चले गए। विवाद बढ़ा, संध्या मायके चली गई और राहुल पर 498A का केस दर्ज कराया गया, जिसमें वह तीन महीने जेल भी रहे।
इसके बाद रिश्तों में कटुता और बढ़ती गई। संध्या ने तलाक के लिए 30 लाख रुपये की मांग की, वहीं राहुल जब भी बेटे रेयांश से मिलने जाते, उन्हें अपमानित कर भगा दिया जाता। कुछ दिन पहले ही राहुल की पिटाई होने का आरोप शुभम और उसके साथियों पर लगा था। 8 दिसंबर की शाम भी राहुल ससुराल गए और संध्या से साथ चलने की गुजारिश की, लेकिन उन्हें फिर अपमानित किया गया। बेटे को देखने तक नहीं दिया गया। उसी रात उन्होंने दो वीडियो रिकॉर्ड किए और कहा—“मैं जीना चाहता था, लेकिन अब थक चुका हूं… मेरी बीवी किसी और से बात करती है, होटल जाती है, यह मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं। मेरा छोटा बेटा है, उसके बिना जी नहीं सकता…”
राहुल की मौत के बाद उनकी मां रानी देवी ने संध्या, सास और शुभम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC 306) का केस दर्ज कराया। पुलिस ने संध्या और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि शुभम सिंह की तलाश जारी है। छह वर्षीय रेयांश फिलहाल नाना-नानी के पास है और दादा-दादी उसे घर लाने के लिए कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य, वैवाहिक विवादों की त्रासदी, और 498A जैसे कानूनों के संभावित दुरुपयोग पर समाजिक बहस को सामने ला खड़ा करता है।