बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में इस समय प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। आसमान से बरसती आग, बदन झुलसाती पछुआ हवाओं और दिन-रात बढ़ते तापमान ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र ने उत्तर प्रदेश के लिए आगामी 72 घंटे बेहद संवेदनशील और गंभीर बताए हैं, जिसके दौरान लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने राज्य के 20 से अधिक जिलों में जानलेवा और भीषण लू (Severe Heatwave) को लेकर 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही, लगभग 50 जिलों में 'वार्म नाइट' (गर्म रात) की चेतावनी दी गई है, जिसका सीधा मतलब है कि अब लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 20 मई से 23 मई तक पूरा प्रदेश पूरी तरह शुष्क मौसम की चपेट में रहेगा।
इस बार पड़ रही गर्मी के पीछे वैज्ञानिक कारण भी बेहद चौंकाने वाले हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मध्य भारत के ऊपरी वायुमंडल में एक मजबूत प्रतिचक्रवात (Anticyclone) सक्रिय है, जो गर्म हवाओं को नीचे की तरफ दबा रहा है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण से आ रही शुष्क पछुआ हवाओं और उत्तर से आ रही नम पुरवा हवाओं के आपस में टकराने के कारण 'सेंसिबल हीट' में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर सहित पूर्वांचल के कई जिलों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसके चलते इन क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया गया है।
इस जानलेवा मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनमानस के लिए एडवायजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लगातार ओआरएस (ORS), नींबू-पानी और छाछ का सेवन करने तथा बाहर निकलते समय सिर व चेहरा सूती कपड़े से ढकने को कहा गया है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर नजर रखने और उल्टी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की अपील की गई है।