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BHU के हॉस्टलों में लापरवाही की हद: सब्जी-दही में मिली छिपकली, पराठे में निकला कांच का टुकड़ा

Photo Source : Google

Posted On:Saturday, May 30, 2026

बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के प्रसिद्ध काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विभिन्न हॉस्टलों की मेस में खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हॉस्टलों में परोसे जा रहे भोजन में छिपकली और कांच के टुकड़े मिलने की गंभीर घटनाओं के बाद छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस लापरवाही को देखते हुए छात्र अधिष्ठाता (Dean of Students) प्रो. रंजन कुमार ने हॉस्टल प्रशासन से तुरंत स्पष्टीकरण और जवाब मांगा है।

​खाने में छिपकली और कांच के टुकड़े मिलने के आरोप:

​डालमिया हॉस्टल: दो दिन पहले विज्ञान संस्थान (Institute of Science) के डालमिया हॉस्टल की मेस में बनी सब्जी के भीतर एक मरी हुई छिपकली पाई गई थी।

​न्यू पीएचडी गर्ल्स हॉस्टल: इसके ठीक अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को न्यू पीएचडी गर्ल्स छात्रावास की मेस में एक छात्र को परोसे गए पराठे के अंदर कांच (शीशे) का टुकड़ा मिला, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

​न्यू पीजी गर्ल्स हॉस्टल: कुछ दिनों पहले न्यू पीजी गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्रों को दिए गए दही के अंदर भी छिपकली मिलने की बात सामने आई है।

​ABVP का प्रदर्शन और उग्र आंदोलन की चेतावनी:

इन लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को एबीवीपी (ABVP) संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा।

​निगरानी व्यवस्था पर सवाल: एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि यह केवल मेस संचालकों (वेन्डर्स) की लापरवाही नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की निगरानी और वार्डन व्यवस्था की भी पूरी विफलता है।

​प्रशासन की जिम्मेदारी: इकाई सहमंत्री विकास कुमार ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि जब विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से समय पर और नियमित रूप से मेस की फीस (शुल्क) वसूलता है, तो विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन देना उसकी प्राथमिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई और मेस व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संगठन छात्रहित में पूरे कैंपस में एक व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

​विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित हॉस्टलों के वार्डन व मेस ठेकेदारों से जवाब तलब किया है।


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