बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के लोहता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोटवां ग्राम सभा के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। मानसून से पहले हुई हल्की बारिश ने ही स्थानीय प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे नाराज ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अतिक्रमण के कारण बाधित हुई जल निकासी:
हरिजन बस्ती में नाला ब्लॉक: ग्रामीणों के अनुसार, सिरसा-कोटवा पुलिस चौकी क्षेत्र और उसके आसपास के कई गांवों के पानी की निकासी हरिजन बस्ती से होकर गुजरने वाले एक मुख्य बड़े नाले के जरिए होती है।
अवैध निर्माण का आरोप: आरोप है कि हरिजन बस्ती के कुछ रसूखदार और स्थानीय लोगों ने नाले की जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण (Encroachment) करते हुए पक्के मकान और बाथरूम बना लिए हैं। इस वजह से सालों पुराना चौड़ा नाला अब बेहद संकरा हो चुका है और पानी का बहाव लगभग पूरी तरह रुक गया है।
हैंडपंप के पास गंदा पानी, बीमारियों का बढ़ा खतरा:
इस जाम और जलभराव की मार सबसे ज्यादा पेयजल व्यवस्था पर पड़ी है। नाले के ठीक बगल में स्थित एक सरकारी हैंडपंप (चापाकल) के चारों तरफ चौबीसों घंटे गंदा और बदबूदार पानी जमा रहता है। ग्रामीणों को मजबूरी में इसी गंदे पानी के बीच खड़े होकर पीने का पानी भरना पड़ रहा है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि इस भयंकर गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और घरों के बच्चे व बुजुर्ग लगातार संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
शिकायतों के बाद भी मूकदर्शक बना प्रशासन:
स्थानीय निवासी अजय कुमार ने बताया कि इस नरकीय जीवन से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने गांव के 20 से 25 प्रबुद्ध नागरिकों के साथ मिलकर स्थानीय कोटवा पुलिस चौकी और संबंधित ग्राम प्रधान को कई बार लिखित आवेदन व शिकायतें सौंपी हैं। लेकिन विडंबना यह है कि आज तक न तो ग्राम सभा ने नाले की गाद (सफाई) निकलवाई और ना ही किसी राजस्व या प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर आकर इस गंभीर समस्या का स्थलीय निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कोटवां ग्राम सभा में नाले पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तुरंत बुलडोजर से ध्वस्त किया जाए और जल निकासी सुचारू कराकर उन्हें इस नारकीय स्थिति से निजात दिलाई जाए।