बनारस न्यूज डेस्क: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार सुबह वाराणसी पहुंचे। उनका यह दौरा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन की अध्यक्षता करने के साथ-साथ तीन अप्रैल को बरेका मैदान में आयोजित होने वाले विक्रमोत्सव महानाट्य की तैयारियों का जायजा लेने के लिए है। इसके अलावा वे शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल काशी विश्वनाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का निरीक्षण भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने पर भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
यह दौरा वाराणसी के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि इसमें सांस्कृतिक और धार्मिक दोनों पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। विक्रमोत्सव जैसे आयोजनों से न केवल स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर की पहचान भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
मंदिर में निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कुछ सुधारों की जरूरत भी बताई। उनका मानना है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना प्राथमिकता होनी चाहिए। कुल मिलाकर, यह दौरा वाराणसी में विकास और सांस्कृतिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।