बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के सेरेन सोनी प्ले स्कूल में नर्सरी के एक छात्र के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी करते हुए बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति और अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
यह मामला 24 जुलाई का है। आरोप है कि नर्सरी के छात्र ने पेशाब जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन शिक्षिका प्रीति कुशवाहा ने उसे मना कर दिया। इसके बाद बच्चे की पैंट में पेशाब हो गया। आरोप है कि इससे नाराज होकर शिक्षिका बच्चे को दूसरे कमरे में ले गईं और गैस पर चाकू गर्म कर उसके गुप्तांग को दाग दिया। इससे बच्चे के गुप्तांग पर गंभीर चोट आई।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका ने बच्चे की पिटाई भी की और दोबारा ऐसा होने पर और बुरा हाल करने की धमकी दी। घर पहुंचने पर बच्चे ने पूरी घटना परिवार को बताई। पिता ने शिक्षिका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल हेमलता सिंह से शिकायत की गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें ही धमकाया गया।
इस मामले में लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने शिक्षिका प्रीति कुशवाहा, प्रिंसिपल हेमलता सिंह और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एसीपी अपूर्व पांडेय ने बताया कि बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई है और सर्जन से राय मांगी गई है। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई गई है।