बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी की राजनीति में इस बार उत्तरी और दक्षिणी विधानसभा सीटें खास चर्चा में हैं, जहां समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति को लेकर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्र की इन दोनों सीटों पर चुनावी गणित तेजी से बदल रहा है, जिसे देखते हुए संगठन स्तर पर सक्रियता बढ़ाई गई है।
उत्तरी विधानसभा सीट पर वर्तमान में मंत्री रविंद्र जायसवाल का कब्जा है, जिन्होंने 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया था। हालांकि, इस बार मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम कटने की चर्चाओं ने सियासी माहौल को नया मोड़ दे दिया है, जिसे विपक्ष मुद्दा बनाने की कोशिश में है।
वहीं, दक्षिणी विधानसभा सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प रहने के संकेत हैं। यहां पिछले चुनाव में कड़ा संघर्ष देखने को मिला था। ज्ञानवापी, दालमंडी और व्यापारिक मुद्दों को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी इस बार मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की रणनीति बना रही है, हालांकि इस क्षेत्र में भाजपा का लंबे समय से मजबूत प्रभाव रहा है।
टिकट को लेकर भी दोनों सीटों पर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, उत्तरी और दक्षिणी विधानसभा सीटों पर अभी से ही करीब 8-8 दावेदार अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी किन चेहरों पर भरोसा जताती है।