बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी नगर निगम ने एक अत्यंत सराहनीय निर्णय लेते हुए दिव्यांग और दृष्टिबाधित भवन स्वामियों को बड़ी राहत दी है। निगम कार्यकारिणी की हालिया बैठक में यह तय किया गया कि अब दृष्टिबाधित और 80 प्रतिशत तक दिव्यांग भवन स्वामियों को गृहकर, जलकर और सीवरकर से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित भवन स्वामियों को अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र नगर निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आम करदाताओं के लिए भी प्रोत्साहन योजनाएं घोषित की गईं। नगर निगम ने निर्णय लिया है कि 15 मई से 15 जुलाई तक गृहकर और सीवरकर जमा करने वाले सामान्य करदाताओं को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि ऑनलाइन भुगतान करने पर यह छूट बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों को उनके लाइसेंस शुल्क में भी 10 प्रतिशत की राहत देने का निर्णय लिया गया है।
लगभग तीन घंटे चली इस कार्यकारिणी बैठक में पार्षदों ने शहर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की दुर्दशा, सड़कों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकारिणी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को निर्देशित किया कि वे इन सुविधाओं में जल्द से जल्द सुधार सुनिश्चित करें। साथ ही, सड़क खुदाई के लिए एनओसी जारी करने में सख्त शर्तें लागू करने और कांसीराम आवास योजना की स्थिति सुधारने पर भी विशेष जोर दिया गया।
शहर के सुनियोजित विकास के लिए नगर निगम ने रक्षा संपदा विभाग और रेलवे से जमीन लेने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया है। इस योजना के तहत निगम फुलवरिया फ्लाईओवर, कैंट और डोमरी जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए उक्त विभागों से जमीन अधिग्रहित करेगा। बदले में, नगर निगम इन विभागों को समान मूल्य की अपनी जमीन उपलब्ध कराएगा। इस पहल का उद्देश्य शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का विस्तार करना है।