बनारस न्यूज डेस्क: एअर इंडिया अपने नेटवर्क विस्तार रणनीति के तहत वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह कदम भारत सरकार के 'हब-एंड-स्पोक' (Hub-and-Spoke) एविएशन मॉडल को सक्रिय करने के प्रयासों के अनुरूप है। इस मॉडल के जरिए वाराणसी और उसके आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोगों के लिए वैश्विक पहुंच आसान हो जाएगी।
एअर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि हब-एंड-स्पोक मॉडल न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि देश भर में विकसित हवाईअड्डा बुनियादी ढांचे का अधिकतम उपयोग भी सुनिश्चित करेगा। यह मॉडल भारत को एक वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में उत्प्रेरक का काम करेगा।
एअर इंडिया के ग्रुप हेड (कॉरपोरेट अफेयर्स) पी. बालाजी के अनुसार, वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक कनेक्टिविटी की शुरुआत महानगरों से परे भारत के वैश्विक विमानन पदचिह्न (Footprint) को विस्तार देने पर केंद्रित है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी और उनका सफर पहले से अधिक सुगम और सुविधाजनक बनेगा।
यह नया एविएशन मॉडल भारत के विमानन परिदृश्य में एक संरचनात्मक बदलाव लाएगा। इससे विमानों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी और प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों के दबाव को कम किया जा सकेगा। विकेंद्रीकृत यात्री प्रोसेसिंग के माध्यम से यह मॉडल भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।