बनारस न्यूज डेस्क: जबलपुर में हुए क्रूज हादसे से सबक लेते हुए वाराणसी प्रशासन अब गंगा घाटों पर नौका संचालन को लेकर बेहद सतर्क हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार और शनिवार को पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 32 नावों को सीज कर दिया गया। पुलिस ने इन नावों के संचालकों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा में नौका विहार को सुरक्षित बनाना है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक नाव पर पर्याप्त मात्रा में लाइफ जैकेट का होना अब अनिवार्य है। जांच के दौरान पाया गया कि कई नावें क्षमता से अधिक सवारियां ढो रही थीं और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा था। कुछ मामलों में तो यात्री और नाविक लाइफ जैकेट पहनकर नहीं, बल्कि महज हाथ में लिए हुए पाए गए, जिसे प्रशासन ने घोर लापरवाही माना है।
अभियान के दौरान जिन भी नावों में सुरक्षा मानकों का अभाव मिला, उन्हें तुरंत घाट किनारे लगवा दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित नाव से उतारने के बाद नावों को सीज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने नाविकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भविष्य में बिना लाइफ जैकेट पहने किसी भी यात्री को नाव पर बिठाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा नियमों से समझौता किया गया, तो भविष्य में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी अनवरत जारी रहेगा। गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन किसी भी प्रकार की संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इस औचक कार्रवाई से नाविकों में हड़कंप मच गया है। अब वाराणसी के घाटों पर नौका विहार करने वाले पर्यटकों को सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन के बीच ही सफर करना होगा।