ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए बड़ी सफलता हासिल की है। भारत के सात मुक्केबाजों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही इन सभी खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना तय हो गया है। भारतीय दल के इस प्रदर्शन ने पदक तालिका में देश की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच, अंकुश, नरेंद्र और जादुमणि सिंह ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात दी। सचिन ने पूरे मुकाबले में आक्रामक रणनीति अपनाई और एकतरफा जीत दर्ज की। वहीं जादुमणि सिंह ने शुरुआती दबाव के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया। अंकुश ने भी आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन के साथ अगले दौर का टिकट हासिल किया, जबकि नरेंद्र ने बेहद रोमांचक मुकाबले में संघर्षपूर्ण जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
महिला वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने निराश नहीं किया। साक्षी चौधरी ने अपने मुकाबले में तकनीकी रूप से शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। अरुंधति ने कड़े मुकाबले में संयम बनाए रखा और निर्णायकों के फैसले से जीत हासिल की। वहीं प्रिया घनघस ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में स्थान सुनिश्चित कर लिया। हालांकि भारत की परवीन हुड्डा को बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उनका पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया।
भारतीय मुक्केबाज अब सेमीफाइनल मुकाबलों में स्वर्ण और रजत पदक की दौड़ को मजबूत करने के इरादे से उतरेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय टीम कई भार वर्गों में फाइनल तक पहुंच सकती है। खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और आत्मविश्वास ने पूरे टूर्नामेंट में भारत को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया है।
यदि सेमीफाइनल में भी भारतीय मुक्केबाज अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुक्केबाजी भारत के लिए सबसे सफल खेलों में से एक साबित हो सकती है। खेल प्रेमियों की नजर अब आगामी मुकाबलों पर टिकी हुई है, जहां भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे।