ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैराकी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को मंगलवार को निराशा का सामना करना पड़ा। अनुभवी तैराक श्रीहरि नटराज, साजन प्रकाश और अनीश गौड़ा अपने-अपने मुकाबलों में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। तीनों खिलाड़ियों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच शीर्ष आठ में जगह बनाने से चूक गए। इसके साथ ही इन स्पर्धाओं में भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा है।
पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में ओलंपियन श्रीहरि नटराज ने सेमीफाइनल में अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने निर्धारित समय में रेस पूरी की, लेकिन अन्य तैराकों के बेहतर प्रदर्शन के कारण फाइनल में प्रवेश नहीं कर सके। श्रीहरि ने शुरुआती चरण में अच्छी गति दिखाई, लेकिन अंतिम लैप में वह बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं रहे। उनके बाहर होने से इस स्पर्धा में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
वहीं पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में साजन प्रकाश और अनीश गौड़ा भी फाइनल का टिकट हासिल नहीं कर पाए। दोनों भारतीय तैराकों ने अपनी-अपनी हीट में अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन ओवरऑल रैंकिंग में शीर्ष आठ में स्थान नहीं बना सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और बेहद कम समय के अंतर ने भारतीय खिलाड़ियों की राह मुश्किल कर दी।
पैरा तैराकी में भारत के लिए कुछ सकारात्मक प्रदर्शन भी देखने को मिले। पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस-13 वर्ग में आरवीवीबीके बुडिगिना और अली इमाम ने फाइनल में जगह बनाकर प्रतिस्पर्धा पूरी की। हालांकि दोनों खिलाड़ी पदक तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए सम्मानजनक स्थान हासिल किया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय तैराकी लगातार प्रगति कर रही है, लेकिन विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों को और अधिक अंतरराष्ट्रीय अनुभव, आधुनिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में नियमित भागीदारी की आवश्यकता है। भारतीय तैराकों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन शीर्ष देशों के बीच प्रतिस्पर्धा करने के लिए निरंतर सुधार जरूरी होगा। आने वाले मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन और नए रिकॉर्ड की उम्मीद बनी हुई है।