इंग्लैंड के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ काइरन पोलार्ड को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। रिकॉर्ड बनाने के बाद जब उनसे पूछा गया कि भविष्य में कौन उनका यह रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो बटलर ने भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का नाम लिया।
रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाले बल्लेबाज होने का एहसास बेहद खास है, लेकिन उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में कोई न कोई इस उपलब्धि को पार करेगा।
बटलर ने खास तौर पर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट में उभर रही यह युवा बल्लेबाजी प्रतिभा भविष्य में उनका रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा, "अगर कोई मेरा यह रिकॉर्ड तोड़ सकता है, तो वह वैभव सूर्यवंशी हो सकता है और यदि ऐसा होता है तो मुझे उस पर गर्व होगा।"
बटलर का यह बयान भारतीय क्रिकेट के लिए भी बड़ी तारीफ माना जा रहा है। कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और आक्रामक अंदाज से पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेट विशेषज्ञ भविष्य का बड़ा सितारा मानते हैं। उनकी बल्लेबाजी शैली, तेज रन बनाने की क्षमता और बड़े शॉट खेलने की कला ने उन्हें क्रिकेट जगत में खास पहचान दिलाई है।
टी20 क्रिकेट में लगातार रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं। ऐसे में बटलर का यह कहना कि रिकॉर्ड स्थायी नहीं होते, खेल की भावना को भी दर्शाता है। किसी अनुभवी और विश्वस्तरीय बल्लेबाज द्वारा युवा खिलाड़ी पर इतना बड़ा भरोसा जताना वैभव सूर्यवंशी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
हालांकि, किसी भी रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर रन बनाना जरूरी होता है। वैभव सूर्यवंशी अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं, लेकिन यदि वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले वर्षों में टी20 क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।
जॉस बटलर का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। क्रिकेट प्रशंसक इसे भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे के लिए बड़ी सराहना मान रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में अपने प्रदर्शन से इस भरोसे को कितना सही साबित कर पाते हैं।